पांच मिनट में चुरा लेते थे लग्जरी कार, गिरोह सरगना गड्डू की पुलिस को तलाश
वर्ष 2022 में आरोपी अनस किठौर में आजाद समाज पार्टी के टिकट पर लड़ा था चुनाव
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500 से ज्यादा चोरी की लग्जरी कारें खरीद चुका है अनस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस ने मेरठ की किठौर विधानसभा सीट से वर्ष 2022 में आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले मोहम्मद अनस उर्फ हाजी को पांच अन्य साथियों पवन कुमार, फरियाद, प्रशांत कुमार, समीर और मुकीम के साथ गिरफ्तार किया है। अनस वर्ष 2017-18 से अब तक 500 से ज्यादा चोरी की लग्जरी कारें खरीद चुका है। गिरोह के सदस्य महज पांच मिनट में कार चुरा लेते थे। आरोपियों के पास से पांच लग्जरी कारेंं, चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाला टैब, फर्जी नंबर प्लेट आदि सामान बरामद किया है। गिरोह ने आपस में बात करने के लिए विशेष एप तक तैयार करवा रखा था। देशभर में फैले गिरोह के सदस्य एप से जुड़े थे। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह सरगना गड्डू की तलाश कर रही है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि वाहन चोरी निरोधक दस्ते के प्रभारी इंस्पेक्टर गौतम मलिक को वाहन चोरों को लेकर सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले। दो माह में ज्यादातर चोरी हुई कारों में गड्डू गिरोह शामिल रहा था। आरोपियों को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर गौतम मलिक की देखरेख में एसआई मनीष यादव, एएसआई प्रवीण यादव, जयपाल और धर्मेंद्र की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने कई माह की जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
साॅफ्टवेयर की मदद से चुराते थे कारें
पवन और फरियाद ने पूछताछ में बताया कि दोनों दिल्ली से लग्जरी कारें चुराकर गिरोह के सदस्यों को दिया करते हैं। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने एप बनावा रखा था। इससे देशभर में फैले गड्डू गिरोह के सदस्य आपस में बात करते थे और कारों के आर्डर भेजते थे। पवन ने बताया कि वह फरियाद और प्रशांत के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर से फॉर्च्यूनर, अर्टिगा, बलेनो आदि कारें के लॉक सॉफ्टवेयर की मदद से खोलता था। इसके बाद कार चुराकर फरार हो जाते थे।
ऐसे चुराते थे कार
- कार के नीचे घुसकर तार काट देते थे, ताकि सायरन न बजे।
- सॉफ्टवेयर की मदद या शीशा तोड़कर कार खोलते थे।
- ड्रिल मशीन से स्टेयरिंग लॉक तोड़ते थे। ईसीएम का कंट्रोल खत्म कर देते थे।
- चीन से मंगाए गए विशेष टैब से ईसीएम का नया कंट्रोल लेते थे।
- चाबी साथ लेकर आते थे। पूरी प्रक्रिया में पांच मिनट लगते थे।
फॉर्च्यूनर के लिए एक लाख व ब्रेजा के लिए पचास हजार
आरोपियों ने बताया कि कार चुराने के बाद अनस से सौदा किया जाता था। अनस और गुफरान कार लेने के लिए पवन के पास आते थे। इसके बाद कार मुकीम तक पहुंचाई जाती थी। मुकीम कारों को नया रूप देता था। आरोपियों ने दो माह में दिल्ली से 25-30 कारें चुराईं थीं। अनस और मुकीम फॉर्च्यूनर के लिए एक लाख व ब्रेजा के लिए पचास हजार रुपये देते थे। इसके बाद कार गड्डू और सलीम तक पहुंचाईं जाती थीं। गड्डू और सलीम दूसरे राज्यों में इनका सौदा करते थे। कार की पहचान छिपाने के लिए कार के चेसिस नंबर को बदल दिया जाता था।
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अपराधियों का ब्योरा
पवन कुमार : अंबेडकर नगर, हैदरपुर, निवासी पवन (35) कार खोलने में माहिर है। वह शालीमार बाग थाने का बीसी है और दिल्ली-एनसीआर के 5 मामलों में भगोड़ा घोषित है। पिछले साल रिहा होने के बाद कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके खिलाफ चोरी के 12 मामले, शस्त्र अधिनियम व लूट के मामले भी दर्ज हैं।
फरियाद : सलातीन मोहल्ला, थाना किठौर, तहसील मवाना, मेरठ निवासी फरियाद (32) पेशे से कार मैकेनिक है। इसके खिलाफ चोरी के 12 व एनडीपीएस का एक मामला दर्ज है।
प्रशांत कुमार : गांव तेहगोरा, थाना झंगीराबाद, जिला बुलंदशहर निवासी प्रशांत कुमार (32) पवन का दूर का रिश्तेदार है और चोरी करते समय वाहन चलाता था और रिसीवर को कार भी सप्लाई करता था। इसके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।
अनस : गांव इकला रसूलपुर, थाना किला परीक्षितगढ़, तहसील मवाना, मेरठ निवासी अनस (38) कार का प्रमुख खरीदार था। इसके बाद मोटी रकम लेकर कार को अन्य को बेच देता था। चुनाव में इसे चार से पांच हजार वोट ही मिले थे। इसके खिलाफ पहले से चोरी के 6 मामले और आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज है।
समीर : मोहल्ला कस्सावान, थाना भवन, शामली निवासी समीर (26) रिसीवर के लिए काम करता है और 5 हजार रुपये प्रति कार की दर से उनके निर्देशानुसार कार पहुंचाता है। इसके खिलाफ भी पहले से कोई मामला दर्ज नहीं है।
मुकीम: मोहल्ला कस्सावान, थाना भवन, शामली निवासी मुकीम उर्फ मुक्की (35) चोरी की कारों का प्रमुख रिसीवर भी है और वह सहारनपुर में गोदाम चलाता था। यहां से मरम्मत के बाद वह अच्छी रकम पर अन्य पार्टियों को आपूर्ति करता था।