ग्रेटर नोएडा। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तुस्याना गांव के भूमि घोटाले की जांच शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को टीम के अध्यक्ष व राजस्व परिषद् उत्तर प्रदेश के चेयरमैन संजीव मित्तल गौतमबुद्घ नगर पहुंचे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बैठक ली। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में प्रशासन ने घोटाले की पूरी रिपोर्ट उन्हें सौंपी। एसआईटी टीम ने शिकायतकर्ता से भी करीब 40 मिनट तक बात की है। वहीं एसआईटी के समझ शिकायतकर्ता ने घोटाले की जांच ईडी से कराने की मांग की है।
तुस्याना गांव में पट्टों की जमीन का गलत तरीकों से खरीद-बिक्री की गई। आरोप है कि भूमाफिया ने गलत तरीके मुआवजा उठाने के साथ भूखंडों का आवंटन करा लिया। शिकायत होने पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने इसकी जांच की। जांच में घोटाले की बात सामने आई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी की तरफ से इसकी उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराने की सिफारिश शासन से की गई थी। 30 मई को प्रदेश सरकार ने तीन सदस्य एसआईटी टीम गठित की। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद् के अध्यक्ष संजीव मित्तल की अध्यक्षता में समिति बनी। इसमें मंडलायुक्त मेरठ और अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ को सदस्य बनाया गया।
बृहस्पतिवार को राजस्व परिषद के चेयरमैन गौतमबुद्घ नगर पहुंचे। यहां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बैठक की। बैठक में एसआईटी के अन्य सदस्य, डीएम, एडीएम और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक शाम 4 बजे से 7 बजे तक चली जिसमें सबसे पहले डीएम ने घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी। उसके बाद एसआईटी ने शिकायतकर्ता को बुलाया। एसआईटी ने करीब 40 मिनट तक बातचीत कर घोटाले की जानकारी ली।
शिकायतकर्ता डॉ. सतेंद्र भाटी ने बताया कि एसआईटी टीम से इसकी जांच नहीं हो सकती। उन्होंने एसआईटी टीम से ईडी से जांच कराने की मांग की है। साथ ही घोटाले से जुुड़ी पूरी जानकारी दी है। एसआईटी टीम तीन दिन तक जिले में रहेगी। शुक्रवार को भी अफसरों के साथ बैठक होगी। टीम गांव का दौरा भी कर सकती है।
चकबंदी की टीम ने कलेक्ट्रेट में रिकॉर्ड खंगाला
लखनऊ से चकबंदी की टीम भी बृहस्पतिवार को गौतमबुद्घ नगर पहुंची थी। टीम ने तुस्याना गांव के रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। कलेक्ट्रेट स्थित रिकॉर्ड रूम में दिन भर टीम ने डेरा डाले रखा और तुस्याना गांव के पुराने दस्तावेज की जांच की। पट्टों के आवंटन और उससे पुराने दस्तावेज में जमीन की श्रेणी को देखा गया है। साथ ही उस समय की वास्तविक स्थिति को भी देखा जा रहा है। टीम यह रिपोर्ट एसआईटी को देगी।