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बसों के इंतजार में भटकती दिखीं बहनें

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मोरना डिपो पर बस में चढ़ने के लिए धक्कामुक्की करते यात्री।
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ग्रेटर नोएडा। रक्षाबंधन पर यूपी रोडवेज के ग्रेनो डिपो की व्यवस्था चरमरा गई। शनिवार को परी चौक पर घंटों इंतजार करने के बाद भाई के घर जा रहीं बहनों को बस मिल सकी। हालांकि, यूपी रोडवेज ने सभी रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन इसका असर नहीं दिखा। अचानक यातायात का दबाव बढ़ने से परी चौक पर लंबा जाम लगा रहा। इससे भी लोगों को दिक्कत हुई। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले ज्यादातर लोग दूसरे जिले और राज्यों के निवासी हैं। त्योहार पर वो मूल गांव या घर पर जाते हैं। शनिवार को ग्रेनो से लोगों के जाने का सिलसिला शुरू हो गया। परी चौक से ही लोग बस पकड़ते हैं। लोगों की सुविधा के लिए यूपी रोडवेज ने विशेष तैयारी की थी।
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रोडवेज अफसरों का कहना है कि सभी रूटों पर बसों के फेरे बढ़ दिए गए। जिस रूट पर बस एक घंटे में मिलती थी, वहां अब 30 मिनट में मिल रही है। आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर रूट पर हर 30 मिनट में बस मिलने का दावा किया, लेकिन परी चौक पर व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। वहां यात्रियों की भीड़ जमा थी। सुबह से शाम तक भीड़ रही। यात्रियों को बस के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कोविड नियमों का पालन भी नहीं हुआ। बस में यात्री खचाखच भरे दिखे। रविवार को बसों में महिलाएं निशुल्क सफर कर सकेंगी। महिलाओं को शनिवार की रात 12 से रविवार की रात 12 बजे तक यह सुविधा मिलेगी।
परी चौक पर लगा लंबा जाम
यात्रियों की भीड़, यातायात के दबाव और डायवर्जन के कारण शनिवार को परी चौक पर जाम लगा रहा। सुबह से ही जाम की स्थिति बनी हुई थी। दोपहर में और बढ़ गया। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे से परी चौक और अल्फा कॉर्मिशयल बेल्ट तक वाहनों की कतार लगी रही। वहीं, अल्फा कॉर्मिशयल बेल्ट से परी चौक तक वाहनों के रेंगने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
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स्टैंड पर आने के बजाय, बाईपास निकाली बसें
रक्षाबंधन पर भी यूपी रोडवेज की बसें कस्बे से होकर नहीं गुजरीं। इस कारण यात्री काफी परेशान रहे। दिनभर लोग अड्डे पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन सभी बसें बाईपास से होकर निकल गईं। इसकी शिकायत लोगों ने ट्विटर व फोन पर रोडवेज अफसरों से की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। यात्रियों को डग्गामार बसों की मनमानी झेलनी पड़ी।
रक्षाबंधन के लिए 174 बसों का बेड़ा तैयार
यूपी रोडवेज की ओर से इस बार भी बहनों के लिए 24 घंटे तक बसों में निशुल्क सफर का तोहफा दिया गया है। उत्तराखंड और दिल्ली जाने के लिए कोविड जांच की भी आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। इसके अलावा सीटिंग के अनुसार यात्री बसों में सवार हो सकेंगे। बिना मास्क के चालक, परिचालक और यात्री बस में सवार नहीं हो पाएंगे। मोरना डिपो के एआरएम एनपी सिंह ने बताया कि 176 बसों का बेड़ा तैयार है। बसों में यदि किसी बहन से चालक या परिचालक टिकट के पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि 181 बस पूरी तरह तैयार हैं। इनमें 176 बसों को यात्रियों की उपलब्धता के अनुसार चलाया जाएगा। हर रूट पर बसों के 20 फीसदी फेरे बढ़ाए जाएंगे। दो टीम डिपो में तैनात कर दी गई हैं। दिल्ली के लिए 3 और हरिद्वार के लिए पांच और उत्तराखंड के लिए 15 बसें चलाई जाएंगी। आगरा, मेरठ, हाथरस, बदायूं, बिजनौर, पुराकाजी, कोटद्वार आदि रूटों पर यात्रियों के उपलब्धता पर ही बसों को तैयार किया जाएगा। वहीं, महिलाओं को मास्क और राखी भी बतौर गिफ्ट दी जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि 6 बसों को रिजर्व में रखा जाएगा। किसी बस के खराब होने या अन्य परिस्थितियों में इनका प्रयोग किया जाएगा। ब्यूरो
सीएनजी पंप से ही बदलेंगे चालक-परिचालक ड्यूटी
यात्रियों को बसों का इंतजार न करना पड़े, इसलिए डिपो की ओर से चालक-परिचालकों को तैयार होकर सीएनजी पंप पर ही पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। सीएनजी पर ही उनकी ड्यूटी बदली जाएगी। इसी तरह डिपो में आने के तुरंत बाद मेकेनिकल टीम हर बस की जांच करेगी। कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। बस में ज्यादा कमी है तो उसे सर्विस सेंटर भेजा जाएगा।
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