शहर के एक ज्वेलर्स के यहां खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
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धनतेरस पर सोने और चांदी का भाव अपने रिकॉर्ड स्तर पर रहा। भाव में बड़ा इजाफा होने के बाद भी चांदी के सिक्कों की मांग रही। इसका कारण टंच मार्का की शुद्धता रही है। भाव बढ़ने के बाद अधिकांश व्यापारियों ने ग्राहकों को टंच मार्का की शुद्धता वाले गहने और सिक्के दिए, ताकि गहने वापस करने पर ग्राहकों को उस दिन के भाव के अनुसार पूरी कीमत मिल सके।
बीते कुछ सालों में हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों ने बाजार में पकड़ बनाई है। इस साल सोने-चांदी के दामों मेंं बड़ा इजाफा होने के चलते इनकी अहमियत और बढ़ गई है। चांदी के सिक्कों और नोटों पर व्यापारियों द्वारा शुद्धता का प्रतीक टंच मार्का अंकित किया जा रहा है। इससे चांदी के सिक्के और नोट की बिक्री में इजाफा हुआ है। ग्राहकों का विश्वास एक बार फिर चांदी के सिक्कों पर बढ़ा है। टंच मार्का रहित चांदी के सिक्कों और गहनों में कुछ लोग पहले 40 से 70 फीसदी तक की मिलावट कर रहे थे। जिससे चांदी के सिक्कों और गहनों से लोगों का भरोसा टूट रहा था। इस कमी को दूर करने के लिए व्यापारियों ने शुद्धता की गारंटी बढ़ा दी है। टंच मार्का की शुद्धता युक्त गहनों और सिक्कों की मांग हो रही है।
2 से 3 रुपये प्रति ग्राम महंगे हैं टंच मार्का सिक्के
टंच मार्का के सिक्के व नोट चांदी के बाजार भाव से 2 से 3 रुपये ग्राम तक और महंगे हैं। इन सिक्कों और नोटों पर बाकायदा टंच मार्का गुदा हुआ होता है। सराफा कारोबारी कहते हैं कि इन सिक्कों में जितनी चांदी होती है, उतनी ही शुद्धता टंच मार्का के जरिये लिखी जाती है। जिससे सिक्का वापस करते समय लगभग पूरी रकम मिलती है।
हमने चांदी के सिक्के व नोट का शत प्रतिशत स्टॉक टंच मार्का में लिया है। क्योंकि टंच मार्का ग्राहकों के बीच विश्वास पैदा कर रहा है। सोने के सिक्के आदि में हॉलमार्क पहले से ही चलन में हैं।
-दिलीप अग्रवाल, ज्वेलर्स।
हमने इस साल चांदी के नोट व सिक्कों के साथ चांदी के लक्ष्मी-गणेश भी टंच मार्का में लिए हैं। लगातार सामने आ रही दिक्कतों के बीच अब सीधे तौर पर टंच मार्का का काम किया जा रहा है।
-वरुण कटारिया, ज्वेलर्स।