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जाहिदा के मंत्री बनने से मेवात की राजनीति में बदलाव के संकेत

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कामां/जयपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 1968 को जन्मीं जाहिदा खान रविवार को राजस्थान मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बन गईं, वह खुश किस्मत रहीं हैं कि 2008 में भी राजस्थान सरकार में मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया था। मौजूदा वक्त में वह भरतपुर जिले की कामां विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी की विधायक हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नजदीकी मानी जाती हैं। यही कारण रहा है कि उन्हें मुस्लिम कोटे से मंत्री बनाया गया है।
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हालांकि जिला अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायिका सफिया जुबेर व जयपुर ग्रामीण से कांग्रेस के विधायक रफीक खान सहित कई मुस्लिम कांग्रेस विधायकों को निराश होना पड़ा है। उनके पिता चौधरी तैय्यब हुसैन भी राजस्थान की गहलोत सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। वह देश में इकलौते नेता हैं जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की सरकारों में मंत्री रहे थे। उनके बड़े भाई चौधरी जाकिर हुसैन तीन बार हरियाणा प्रदेश की नूंह व तावडू विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने लेकिन कभी भी मंत्री नहीं बन सके। वह फिलहाल हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक हैं और भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। जाहिदा खान कामां विधानसभा क्षेत्र से साल 2008 में पहली बार कांग्रेस टिकट पर विधायक चुनी गईं। इसी सीट से 2018 में भी विधायक बनने का मौका मिला।
राजस्थान सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यमंत्री बनाया गया है जिससे मेवात क्षेत्र के भरतपुर, अलवर, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में उनके समर्थित कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। चौधरी जाकिर हुसैन व चौधरी फजल हुसैन का परिवार गुरुग्राम में रहता है। फजल हुसैन भी राजस्थान अलवर की तिजारा विधानसभा सीट से कई बार बसपा के टिकट पर किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन अभी जीत का स्वाद चखना बाकी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं चौधरी तय्यब हुसैन का राजनैतिक दायरा बहुत बड़ा था क्योंकि वह दो बार सांसद भी बने और तीन राज्य में मंत्री नहीं रहे इसलिए चौधरी जाकिर हुसैन पूर्व विधायक भी कभी पाला बदल लें तो कोई ताज्जुब नहीं होगा।
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