बाह। छोटी दिवाली के उत्सव में रविवार को बटेश्वर का ब्रह्मलालजी महाराज मंदिर जगमगा उठा। आकर्षक सजावट की रोशनी में नहाए मंदिर में नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए दीये जलाए गए। मंदिर के बाहर और यमुना नदी के किनारे सजाई रंगोली दीपकों की रोशनी से झिलमिला उठी। मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि छोटी दिवाली नरक चतुर्दशी (भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर राक्षस के वध के दिन), रूप चौदस (शरीर की सुंदरता और कांति बढ़ाने को ''अभ्यंग स्नान'' के दिन) के रूप में मनाई जाती है।
वहीं, हेरीटेज विलेज होलीपुरा और कमतरी की हवेलियां जगमगा उठीं। कमतरी में प्रशांत चतुर्वेदी ने अपने पुरखों की हवेली को 3 करोड़ की लागत से हेरीटेज होटल में तब्दील किया है। दादा राय बहादुर उल्फतराय चतुर्वेदी ने वर्ष 1928 में 22 कमरों की हवेली बनवाई थी। हेरीटेज स्टेटस के साथ विरासत को सजाया संवारा है। बता दें कि विदेशी सैलानी चंबल, बटेश्वर के बाद प्राचीन हवेलियों का वैभव देखने के लिए पहुंचते हैं। संवाद