माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली क्षेत्र के चर्चित समाजसेवी नरेश प्रजापति हत्या प्रकरण में आरोपी गौरव कुमार की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। सत्र अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप हैं। संगठित अपराध के स्वरूप को देखते हुए उसे राहत देना उचित नहीं होगा।
आरोपी के खिलाफ थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज है। वादी ओमप्रकाश के अनुसार उसका भाई नरेश प्रजापति 2 अगस्त 2025 को किसी कार्य से घर से निकला था। जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन बुलंदशहर जिले की नहर के पास उसका शव मिला था। प्रारंभिक रूप से मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार सह आरोपियों के बयानों के आधार पर गौरव कुमार का नाम आया था। अभियोजन का आरोप है कि नरेश को पूजा-पाठ के बहाने बुलाया गया और उससे 100-100 गज के प्लॉट और एक लग्जरी गाड़ी हड़पने की योजना बनाई गई। आरोपी और उसके साथी इसी मकसद से संगठित रूप से हत्या को अंजाम देने में शामिल थे। वहीं आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि एफआईआर में आरोपी का नाम नहीं था। एफआईआर दो दिन देर से दर्ज हुई, जिसका कोई कारण नहीं बताया गया। घटना के समय आरोपी अपने परिवार के साथ घर पर था। अभियोजन ने कहा कि हत्या योजनाबद्ध और संगठित गिरोह द्वारा पैसों एवं चल-अचल संपत्ति के लालच में की गई है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।