वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरी पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
कमाल खान के निधन पर तमाम राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं व आम लोगों ने कमाल खान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर कमाल खान के निधन पर शोक जताया।
मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, 'एनडीटीवी से जुड़े प्रतिष्ठित व जाने-माने टीवी पत्रकार कमाल खान की अचानक ही निधन के खबर अति-दुःखद तथा पत्रकारिता जगत की अपूर्णीय क्षति। उनके परिवार व उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत सबको इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, ऐसी कुदरत से कामना।'
यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी कमाल खान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, 'पत्रकारिता की एक गंभीर आवाज बनकर उभरे कमाल खान जी का जाना… बेहद दुखद है! उनके सच की गहरी आवाज हमेशा बनी रहेगी… भावभीनी श्रद्धांजलि!'
आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी कमाल खान के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान जी का हार्ट अटैक से असमय निधन अत्यंत दुखद है। अपनी ईमानदार पत्रकारिता के योगदान के लिए वह सदैव याद किये जायेंगे। दुख की इस घड़ी में हम सब उनके परिवार के साथ हैं। कुदरत उनके परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ।उन्हें विनम्र आदरांजलि।'
कमाल खान को पत्रकारिता में उनके बेहतरीन काम के लिए पत्रकारिता का सर्वश्रेष्ठ भारतीय पुरस्कार रामनाथ गोयनका अवार्ड भी मिल चुका था। इसके साथ ही भारत के राष्ट्रपति द्वारा गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से भी सम्मानित थे।
कमाल खान अपने रिपोर्टिंग करने के तरीके और विषयों की बारीक जानकारी को सरल शब्दों में पेश करने के लिए जाने जाते थे।