पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर से पूछताछ में एजेंसियां अभी तक तक ऐसे पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटा पाई हैं जिसमें यह स्पष्ट हो सके कि सीमा पाकिस्तानी जासूस है। संकेत मिल रहे हैं उसे पाकिस्तान वापस भेजा जा सकता है। हालांकि यह मामला दो मुल्कों का हो गया और यदि सीमा को वापस भेजने की बात आई तो उसके लिए भी उच्च स्तर पर ही फैसला लिया जाएगा।
दो दिन तक चली एटीएस की पूछताछ के बाद सीमा हैदर और सचिन मीणा को बुधवार को किसी अन्य घर में रखा गया। मीडियाकर्मियों से भी दोनों व उनके परिवार ने दूरी बनाए रखी। एटीएस की पूछताछ के बाद सीमा काफी थकी हुई थी। सीमा का कहना था कि उसकी तबीयत कुछ ठीक नहीं है।
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हालांकि सीमा ने ये भी कहा कि एटीएस ने अधिक पूछताछ नहीं की। सीमा से उसकी नजदीकियों, परिजन व वकील ने मुलाकात की। करीबियों ने सीमा से कहा कि एजेंसियां जांच कर रही हैं। अगर वह किसी गलत इरादे से आई है तो कोई भी उसका साथ नहीं देगा, लेकिन अगर वह प्यार के लिए ही भारत व रबुपुरा आई है, तो वह उसका साथ देंगे और कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे।
उधर, पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर से पूछताछ में एजेंसियां अभी तक तक ऐसे पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटा पाई हैं जिसमें यह स्पष्ट हो सके कि सीमा पाकिस्तानी जासूस है। संकेत मिल रहे हैं उसे पाकिस्तान वापस भेजा जा सकता है। हालांकि यह मामला दो मुल्कों का हो गया और यदि सीमा को वापस भेजने की बात आई तो उसके लिए भी उच्च स्तर पर ही फैसला लिया जाएगा।
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एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सीमा हैदर के जासूस होने या ना होने पर कुछ भी साफ नहीं कहा है। हालांकि ये संकेत जरूर मिल रहे हैं उसे पाकिस्तान भेजा जा सकता है। चार बच्चों के साथ पाकिस्तान से भारत आई सीमा से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ ऐसे पुख्ता सुबूत नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि वह एटीएस के कब्जे में है और ऐसे तमाम सुलगते सवाल हैं जिससे पूरी तरह से सीमा संदेह के दायरे में है।
सीमा के जासूस होने की आशंकाओं के बीच सीमा, उसके प्रेमी सचिन मीणा और उसके पिता नेत्रपाल से सवाल-जवाब किए गए हैं। एटीएस ने सीमा से यह जानने की कोशिश की है कि भारत आने के पीछे उसका असली मकसद क्या था। सूत्रों के मुताबिक, सीमा ने पूछताछ के दौरान बार-बार यही दोहराया कि वह सचिन के प्रेम की वजह से ही भारत आई।
हालांकि अभी पुलिस टीम के नेपाल जाकर जांच की बात से भी इनकार किया जा रहा है। सीमा हैदर से पूछताछ को लेकर एडीजी ने कहा कि सभी एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उधर माना यह जा रहा है कि सीमा को अब वापस पाकिस्तान ही भेजा जा सकता है। सेंट्रल एजेंसियां इस बाबत निर्णय लेंगीं।
उधर, पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर के नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद अब सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार से जो इनपुट मिले हैं, उसके मुताबिक बॉर्डर से कुछ अपराधी प्रवृत्ति या फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसएआई से जुड़े लोगों का आवागमन बढ़ रहा है। ऐसे में अब नेपाल आने व जाने वाले लोगों को अपना आधार कार्ड व दूसरे देश के लोगों को आवागमन के समय नागरिकता प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इसके बाद ही आवागमन की सुविधा मिलेगी।
बुधवार को जवानों ने सीमा पर लोगों की सघन चेकिंग की। सीमा पर तैनात एसएसबी 42वीं वाहिनी के उप कमांडेंट अनिल यादव ने बताया कि भारतीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के जिम्मे है। इसको लेकर बॉर्डर पर एसएसबी जवानों ने हर आने-जाने वाले नागरिकों की सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
बहराइच जिले के रूपईडीहा बॉर्डर की खुली सीमा से नेपाल के लोग भारत में आसानी से प्रवेश करते हैं। उप कमांडेंट ने बताया कि रात में 10 बजे के बाद सीमा पर आवागमन बंद कर दिया जाता है। सुबह छह बजे के बाद ही आवागमन शुरू होता है। रात भर आवागमन बंद रहता है। सुरक्षा के लिहाज से जरूरत के इंतजाम अपनाए जाते हैं। डॉग स्क्वायड, सीसीटीवी कैमरे भी सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी साबित हो रहे हैं।
उप कमांडेंट ने बताया कि पाकिस्तानी सीमा हैदर के भारत में नेपाल के रास्ते प्रवेश करने के बाद से सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब आधार कार्ड और नागरिकता की जांच के बाद ही लोगों को आवागमन करने दिया जा रहा है।