ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण नए साल तक दो करोड़ रुपये खर्च कर लोगों को सौगात देने जा रहा है। प्राधिकरण दफ्तर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तीन में बन जाएगा। साथ ही, शहर के प्रवेश द्वारों पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। सीसीटीवी और ज्योग्राफिक इनफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) को यहीं से कंट्रोल किया जाएगा। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी और लोगों की समस्याओं व शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जा सकेगा। अगले माह इसके लिए टेंडर निकाला जाएगा। शहर से जुड़ी तमाम सेवाएं यहां एकीकृत हो जाएंगी।
सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्राधिकरण दफ्तर तेजी से ई-ऑफिस की तरफ बढ़ रहा है। इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) के जरिये प्राधिकरण को कागज मुक्त बनाया जा रहा है। सभी सेवाएं ऑनलाइन की जा रही हैं। स्ट्रीट लाइट हो या फिर सड़कों का पैच रिपेयर वर्क, सीवर लाइन हो या फिर जलापूर्ति, सभी सेवाओं की जीआईएस मैपिंग की जा रही है। कहां पर ग्रीन बेल्ट हैं व कहां पर सार्वजनिक शौचालय है यह सब जीआईएस मैपिंग का हिस्सा बनते जा रहे हैं, ताकि प्राधिकरण के अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम से इन पर पल-पल नजर रख सकें। सीईओ ने इसे और आगे बढ़ाते हुए एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। यह सेंटर प्राधिकरण दफ्तर परिसर में ही बनेगा। कंट्रोल रूम में आठ वीडियो वॉल बनेंगी, जहां पर प्राधिकरण की तरफ से शहरवासियों को दी जा रही सभी सुविधाओं की अपडेट जानकारी कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी को प्राप्त होती रहेंगी। कहीं से कोई शिकायत आती है तो इस कंट्रोल रूम से संबंधित विभाग को तत्काल पहुंचा दी जाएगी।
इन प्रवेश द्वारों पर लगने हैं सीसीटीवी
ग्रेटर नोएडा के पांच प्रवेश द्वार हैं। परी चौक, प्रताप विहार (गाजियाबाद) से ग्रेनो वेस्ट में प्रवेश करने पर तिगड़ी गोलचक्कर के पास, नोएडा से हिंडन पुल के रास्ते चार मूर्ति गोलचक्कर की तरफ आने पर, कासना प्रवेश द्वार और सूरजपुर एंट्री प्वाइंट है। इन प्रवेश द्वारों पर 40 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। ये सभी इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से जुड़ जाएंगे।