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Noida News: तीन वर्षों से एमए इकोनॉमिक्स में सीटें रह रहीं खाली

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तीन वर्षों से एमए इकोनॉमिक्स में सीटें रह रहीं खाली
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एमकॉम और एमएससी जूलॉजी में आते हैं सीट से कई गुना अधिक आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में परास्नातक पाठ्यक्रमों को लेकर छात्रों की पसंद में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। एमए इकोनॉमिक्स में जहां सीटें खाली रह जा रही हैं, वहीं एमकॉम और एमएससी जूलॉजी में सीटों के मुकाबले कई गुना अधिक आवेदन आ रहे हैं।
हालांकि इस बार कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि दाखिले के दौरान एमए इकोनॉमिक्स में अच्छे आवेदन आएंगे। महाविद्यालय में एमए इकोनॉमिक्स की 60 सीटें निर्धारित हैं लेकिन पिछले तीन वर्षों से इन सीटों को भरना चुनौती बना हुआ है। 2025-2026 सत्र में भी करीब आधी सीटें ही भर पाई हैं। इससे पहले करीब 48 प्रतिशत ही सीटें भर पाई थीं। इसके विपरीत एमएससी जूलॉजी में छात्रों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इस कोर्स की 20 सीटें हर साल पूरी तरह भर जाती हैं। वहीं एमकॉम में स्थिति और अधिक प्रतिस्पर्धी है, जहां 60 सीटों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं। इसके चलते दाखिले के लिए छात्रों के बीच कड़ी होड़ देखी जाती है।
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महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, एमकॉम में बेहतर कॅरिअर अवसर और कॉर्पोरेट सेक्टर में बढ़ती संभावनाएं छात्रों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं, विज्ञान वर्ग के छात्र एमएससी जूलॉजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्राचार्य प्रो. डॉ. अनीता मिश्रा ने बताया कि पिछले तीन सालों से एमए इकोनॉमिक्स में करीब 50 सीटें खाली रह जा रही हैं।
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