कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप की ओर से आयोजित फिल्मीस्तान कार्यक्रम में शुक्रवार को कफस और द इमा
लखनऊ। कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप की ओर से आयोजित फिल्मीस्तान कार्यक्रम में शुक्रवार को कफस और द इमाम फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। फिल्मों की निर्देशक सबा मुमताज और प्रार्थना पार्कर ने फिल्म निर्माण के अनुभव साझा किए।
कफस 18वीं शताब्दी के काबुल की पृष्ठभूमि पर आधारित एक पुरस्कृत लघु फिल्म है, जिसमें एक पिंजरा बेचने वाले और एक आवारा की मुलाकात आजादी के मायनों पर गहन संवाद में बदल जाती है। इसमें शिशिर शर्मा और ल्यूक केनी की दमदार अदायगी देखने को मिली। द इमाम गांव के एक मौलवी की छह वर्षीय बेटी की कहानी है, जो अपने पिता की तरह इमाम बनने का सपना देखती है और पितृसत्तात्मक समाज उसकी इच्छा का विरोध करता है। इस विषय को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। इस दौरान आयशा खातून, शीबा इकबाल, नूर खान, माधवी कुकरेजा, कमर रहमान और फरजाना मोहसिन आदि की मौजूदगी रही।
कैसरबाग स्थित लखनऊ बायोस्कोप की ओर से आयोजित फिल्मीस्तान कार्यक्रम में शुक्रवार को कफस और द इमा