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Noida News: डिजिटल व सोशल मीडिया मार्केटिंग के गुर सीखेंगे स्कूल प्रमुख

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-सीबीएसई बाहरी एजेंसी सी-डैक के सहयोग से करने जा रहा है प्रशिक्षित
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-डिजिटल, सोशल मीडिया मार्केटिंग की बुनियादी समझ की जाएगी विकसित

-18 मार्च से आरंभ होगा यह छह दिवसीय कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने डिजिटल क्रांति के इस युग में शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की तैयारी शुरू की है। बोर्ड इसकी अहमियत को समझते हुए शिक्षकों में डिजिटल और सोशल मीडिया मार्केटिंग की समझ विकसित करने जा रहा है। सीबीएसई ने इसके लिए बाहरी एजेंसी सी-डैक का हाथ थामा है। इस एजेंसी की मदद से बोर्ड स्कूल प्रमुखों को छह दिनों तक सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराएगा।

सीबीएसई सी-डैक(मोहाली) के सहयोग से सभी स्कूल प्रमुखों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। 18 मार्च से इसकी शुरुआत होने जा रही है। 18, 19, 20, 21, 22 व 26 मार्च तक छह दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सी-डैक के विशेषज्ञ स्कूल प्रमुखों को डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराएंगे। सीबीएसई के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों में डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग की बुनियादी समझ प्रदान करना, स्कूलों को बढ़ावा देने और व्यापक वर्ग तक पहुंच बनाने के लिए मीडिया प्लेटफॉर्मों का प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे करना सिखाना, स्कूल प्रमुखों में सोशल मीडिया मार्केटिंग अभियान बनाने और उसके कौशल विकसित करना शामिल है।
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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्कूल प्रमुखों को वेबसाइट और गूगल माई बिजनेस पेज के माध्यम से स्कूल की उपस्थिति ऑनलाइन स्थापित करना सिखाया जाएगा। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का परिचय और शिक्षण में उसका उपयोग करने के विषय में बताया जाएगा। वहीं सीखने के लिए यू-ट्यूब रिपोजिटरी का निर्माण, वीडियो सामग्री और ईमेल मार्केटिंग तकनीकों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इसके मैट्रिक्स गूगल एड और गूगल एडसेंस के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन आवेदन करना होगा और सत्र भी ऑनलाइन ही आयोजित होंगे। बोर्ड का मानना है कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में स्कूल प्रमुखों में भी इसकी गहरी समझ विकसित किया जाना जरूरी है, जो कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ही संभव हो सकता है। बाद में स्कूल प्रमुख इसकी जानकारी अपने शिक्षकों को प्रदान कर सकते हैं।
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