ग्रेटर नोएडा। भूजल बचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और एनटीपीसी ने मिलकर पहल की है। सूरजपुर के पास ईकोटेक-2 स्थित एनटीपीसी रिसर्च केंद्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित 500 किलोलीटर (केएलडी) पानी रोजाना खरीदेगा। इससे प्राधिकरण को हर माह आमदनी भी होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसटीपी से शोधित पानी खरीदने के लिए एनटपीसी के साथ करीब एक साल से बातचीत चल रही थी। जिस पर अब सहमति बन गई है।
ग्रेनो प्राधिकरण के ईकोटेक-2 स्थित एसटीपी से सीवर को शोधित करके स्वच्छ जल बनाने में आ रही लागत की भरपाई करने में एनटीपीसी को निर्णय लेना था। सीवर विभाग के अधिकारी वरिष्ठ प्रबंधक कपिलदेव सिंह, प्रभारी प्रबंधक प्रभात शंकर आदि एनटीपीसी के साथ लगातार संपर्क में थे। एसटीपी से एनटीपीसी तक पाइपलाइन डालने व पंप आदि लगाने का काम एनटीपीसी खुद से करेगा। करीब 20 मीटर लंबी पाइपलाइन डाली जानी है। इसका खर्च भी एनटीपीसी वहन करेगा। एक माह में यह काम पूरा हो जाएगा। फरवरी 2022 से एनटीपीसी पानी लेना शुरू कर सकता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने भूजल संचय की राह में बड़ा कदम बताया। सीईओ ने ग्रेटर नोएडा की और भी कंपनियों व संस्थाओं से सिंचाई व नॉन ड्रिंकिंग वाटर के लिए एसटीपी से शोधित पानी के इस्तेमाल की अपील की है।
सिंचाई और निर्माण कार्यों में होता है प्रयोग
ग्रेनो प्राधिकरण की तरफ से चार एसटीपी बनाए गए हैं। सबसे बड़ा एसटीपी कासना में है। यहां रोजाना करीब 85 एमएलडी सीवर शोधित हो रहा है। इकोटेक-2 स्थित एसटीपी से करीब 15 एमएलडी सीवर रोजाना शोधित हो रहा है। जबकि ईकोटेक तीन स्थित एसटीपी से रोजाना करीब 5 एमएलडी और बादलपुर स्थित एसटीपी से डेढ़ एमएलडी सीवर शोधित हो रहा है। शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई व निर्माण आदि कार्यों के लिए किया जा रहा है।
एयरपोर्ट के निर्माण में होगा एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमाल
जेवर में निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट के पानी की जरूरत कासना स्थित एसटीपी से पूरी होगी। इस एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमला एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों में होगा। एयरपोर्ट के निर्माण के लिए पर्यावरण से मंजूरी इसी शर्त पर मिली है कि इसका निर्माण एसटीपी से शोधित पानी से किया जाएगा। भूजल का दोहन नहीं होगा। इस एसटीपी की क्षमता 135 एमएलडी है। टैंकर के जरिये पानी की सप्लाई की जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और विकासकर्ता कंपनी के बीच इस मसले पर बातचीत चल रही है। सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि प्राधिकरण नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के लिए एसटीपी से शोधित पानी देने को तैयार है। जैसे ही मांग की जाएगी, प्राधिकरण सप्लाई शुरू कर देगा।