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Noida News: धावकों ने पहले कंकड़ बीने फिर उबड़-खाबड़ ट्रैक पर दौड़े

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धावकों ने पहले कंकड़ बीने फिर उबड़-खाबड़ ट्रैक पर दौड़े
- मलकपुर स्टेडियम में अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता
- दो घंटे देर होने पर लौटने लगे प्रतिभागी तो खेल अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर रोका
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मलकपुर स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में जनपदीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में शिरकत करने पहुंचे धावकों को परेशानियों से जूझना पड़ा। यहां एथलीट ट्रैक का निर्माण पूरा न होने के कारण धावकों को मिट्टी पर बनाए गए ट्रैक से पहले कंकड़ बीनने पड़े। इसके बाद धावक ऊबड़ खाबड़ ट्रैक पर दौड़े।
गौतमबुद्ध नगर जिला बनने के 27 साल बाद खेल विभाग के मलकपुर स्थित स्टेडियम में एथलीट ट्रैक का निर्माण शुरू किया गया है। इसके बावजूद ट्रैक का काम अधर में लटका हुआ है। सोमवार को अधूरी ट्रैक पर जनपद स्तरीय प्रतियोगिता करा दी गई। ट्रैक देखने के बाद जिले के दूर दराज क्षेत्र से पहुंचे बालक-बालिका धावकों के पसीने छूट गए। कुछ बालक धावक ट्रैक को दूर तक देखने के बाद उनके कंकड़ बीनने लगे। इस दौरान धावकों को ट्रैक पर आठ इंच तक के गड्ढे भी दिखाई दिए। विवश होकर धावकों को इसी ट्रैक पर दौड़ना पड़ा। कुछ धावक बिना जूतों के दौड़ना चाहते थे लेकिन उन्हें नियम का हवाला देकर जूते पहनाकर दौड़ाया गया। अन्यथा कंकड़ होने के कारण वह चोटिल भी हो सकते थे।
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खाने-पीने के लिए भटके धावक व अभिभावक
मलकपुर स्टेडियम में सुबह लगभग 11:30 बजे जिले के चिपियाना, कासना, ओमीक्रान सेक्टर समेत अन्य स्थानों से पहुंचे कई बालक-बालिका धावक दौड़ शुरू होने का इंतजार करते नजर आए। खिलाड़ी परेशान दिखाई दे रहे थे। स्टेडियम में साढ़े तीन बजे तक रुके धावक के अभिभावक ने बताया कि खेल विभाग की ओर से पानी व खाने आदि का बंदोबस्त नहीं था। वे साढ़े तीन बजे तक स्टेडियम में रुके थे। घर से ले जाया गया पानी भी खत्म हो गया था। इसके चलते स्टेडियम से बाहर निकलकर भोजन व पानी ढूंढने का प्रयास किया गया लेकिन आसपास पानी भी नहीं था। इसके चलते दूर से पानी लेकर पीना पड़ा। वे पदक वितरण से पहले ही वापस लौट गए।
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20 मार्च से पहले खेल प्रतियोगिताएं कराने का आदेश मिला था। कंपनी को ट्रैक निर्माण का ठेका दिया है, वह समय पर पूरा नहीं कर पाई। काम बीच में बंद होने पर नोटिस दिया गया है। धावकों की संख्या कम होने के कारण प्रतियोगिता शुरू होने में देरी हुई।
- अनिता नागर, उप क्रीड़ा अधिकारी गौतमबुद्ध नगर
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