पुन्हाना। लॉकडाउन की अफवाह से लोगों में अफरातफरी है। छोटे दुकानदार बीड़ी, चीनी, दाल, तेल, नमक, आटा आदि जरूरी सामानों की जमाखोरी करने में जुट गए हैं। इसी के चलते शनिवार को पिनगवां, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, नगीना आदि कस्बों में 502 मार्का बीड़ी खत्म होने की अफवाह फैल गई। इससे 320 रुपये में मिलने वाला पुड़ा 500 में बिकने लगा। रिटेल में 20 रुपये का मिलने वाला बीड़ी का बंडल सुबह 25 और शाम को 30 रुपये में बेचा गया।
कस्बा पिनगवां निवासी न्याज मोहम्मद नग्गर ने बताया कि लॉकडाउन लगने का अफवाह लोगों में आज अचानक फैली। इसके बाद मेवात इलाके में सबसे ज्यादा कालाबाजारी बीड़ी पर दिखी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कालाबाजारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। कस्बे के किराना व्यापारी और पिनगवां गांव के सरपंच संजय सिंगला ने बताया कि यह सिर्फ अफवाह है। उन्होंने कहा कि सभी वस्तुओं के दाम पहले की तरह हैं। हां, इन पर कंपनियों की स्कीम को समाप्त कर दिया गया है, जो सामान्य तौर पर चलता रहता है। उन्होंने माना कि गांव के छोटे दुकानदारों ने आज ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश की। इस कारण कई वस्तुएं बाजार में समाप्त हो गईं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति कंट्रोलर सीमा शर्मा ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में लॉकडाउन के बाद
जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। कोरोना महामारी के दौर में भी कुछ लोग किसी भी तरीके से पैसा कमाने में जुटे हुए हैं। पड़ोसी राज्य राजस्थान में दो दिवसीय लॉकडाउन के बाद शहर के कुछ विक्रेताओं ने वहां गुटका, बीड़ी, तेल, चीनी और खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति बढ़ी दर पर करनी शुरू कर दी है।
समाजसेवी अनिल जैन, रोहित जैन, राजकुमार, नीरज, मनीष का कहना है कि मुनाफाखोर दुकानदारों के लालच का खामियाजा मध्य वर्ग को उठाना पड़ रहा है। इनकी कालाबाजारी से वे परेशान हैं। फिरोजपुर झिरका में थोक का काम करने वाले दुकानदार माल देने में आनाकानी कर दाम बढ़ाकर दे रहे हैं। इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर कासिम खान का कहना है कि लोगों की शिकायत मिल रही है। विभाग से इजाजत लेकर मुनाफाखोरी पर शिकंजा कसा जाएगा। उधर, किराना यूनियन के प्रधान पंकज जैन का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। फिर भी वे दुकानदारों की बैठक लेकर कालाबाजारी करने वालों की पहचान करेंगे और उन्हें सख्त हिदायत दी जाएगी।
रमजान में फलों-सब्जियों के दाम आसमान पर
अंतराम खटाना
नूंह। रमजान के महीने में फल-सब्जियों के दाम आसमान पर जा पहुंचे हैं। एक सप्ताह में थोक और फुटकर दोनों जगह दाम बढ़ गए हैं। फुटकर दूध करीब 5 रुपये प्रति लीटर महंगा बिक रहा है। आलू, प्याज, शिमला मिर्च, टिंडे, खीरे के दाम में एक सप्ताह में खासा उछाल आया है। नूंह शहर की पुरानी सब्जी मंडी के सामने बिकने वाले केले की कीमत 5 से 10 रुपये प्रति दर्जन ज्यादा हो गई है। सेब, संतरा, अंगूर, खरबूजा, तरबूज के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं।
कीमतों का असर फलों के राजा आम पर भी खूब पड़ा है। आम आदमी की जद में रहने वाला सफेदा आम अब 90-100 रुपये किलो से ज्यादा पर बिक रहा है। इसके अलावा तोतापुरी, बंबइया, खिलवा आदि किस्में भी पिछले सप्ताह की अपेक्षा महंगी हैं। मोटे छिलके वाला सरदा 100 रुपये किग्रा तक बिक रहा है। सेब की कीमत में 30 रुपये का उछाल है। अनार 100 से अब 120 रुपये तक महंगा हो गया है।
नींबू और तोरी की कीमत भी बढ़ीं
नूंह की पुरानी सब्जी मंडी में विक्रेता मनोज ने बताया कि गर्मी में रमजान होने से नींबू और तोरी की मांग बढ़ने से कीमतों में भी भारी उछाल है। ककड़ी भी 20 और 30 रुपये के पार है। आलू और प्याज की कीमतें भी हफ्तेभर में 10 रुपये तक बढ़ गई हैं। नींबू पहले 80 अब 140, तोरी पहले 50 अब 80, भिंडी पहले 40 अब 60, हरी मिर्च पहले 20 अब 40, करेला पहले 20 अब 40, अदरक पहले 50 अब 100 के पार हो गया है।
खजूर 100 से हजार रुपये तक
रोजा खोलने के काम आने वाले खजूर की खपत चरम पर है। खजूर बहुत दिलचस्प नामों के साथ बाजार में हैं। आम दिनों की अपेक्षा खजूर के ठेले दस गुना हो गए हैं। खजूर 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये किलो तक बिक रहा है।
क्या कहते हैं लोग
शहरवासी मकसूद अहमद, खलील अधिवक्ता, भाउद्दीन, यामीन ने कहा कि महंगाई ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। रोजेदार को जरूरत की चीज खरीदने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। केंद्र व प्रदेश की सरकार महंगाई पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
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