उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाले रोडवेज कर्मी होंगे दंडित
नोएडा। परिवहन विभाग और रोडवेज के कर्मचारियों के लिए शासन से नया फरमान आया है। आदेश के मुताबिक बेहतर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी पुरस्कृत किए जाएंगे। वहीं, उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाले कर्मियों को दंडित किया जाएगा। एआरएम अनुराग यादव ने बताया कि विभाग समय-समय पर चालकों और परिचालकों को प्रशिक्षित करता है। इसमें उन्हें यात्रियों के साथ कुशल व्यवहार करने की शिक्षा दी जाती है।
एआरएम ने बताया कि शासन से मिले आदेश के मुताबिक चालकों और परिचालकों को निर्देशित किया गया है। उनसे साफ तौर पर कहा गया है कि सफर में यात्रियों को किसी प्रकार परेशानी न हो। साथ ही उनकी सुरक्षा पर ध्यान दिए जाए। वहीं, रोडवेज के निजीकरण के विरोध और संविदा चालकों/ परिचालकों तथा आउट सोर्स के माध्यम से ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने डीएम बीएन सिंह को इस संबंध में ज्ञापन सौंपकर बताया कि कर्मचारियों की मेहनत के बलबूते ही रोडवेज की आय में इजाफा हुआ है। इसके बावजूद वर्ष 2000 से कर्मचारी नियमित नहीं किए गए हैं। जबकि विभाग का निजीकरण किया जा रहा है।
नोएडा क्षेत्र के पदाधिकारी राकेश तितौरिया ने कहा कि चाहे चुनाव हो या फिर माघ और कुंभ मेला, परिवहन कर्मचारी पूरी तन्मयता से काम करते हैं। इसी की बदौलत रोडवेज का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो सका है। लेकिन, निगम प्रबंधन इन कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो वेतन/ पारिश्रमिक का भुगतान हो रहा है, उससे परिवार की दाल रोटी बमुश्किल चल पा रही है। वहीं, ऑन ड्यूटी किसी घटना में घायल होने पर संविदा कर्मचारी या परिचालकों को इलाज का खर्च भी नहीं दिया जाता है। यह उनके साथ अन्याय पूर्ण व्यवहार है। सरकार मुनाफे के बाद भी निजीकरण करना चाह रही है। कर्मचारी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उन्हें सरकार का यह निर्णय कतई मंजूर नहीं होगा।