करोड़ों रुपये से बनाया गया बस स्टैंड बना शोपीस, सैकड़ों यात्री निजी वाहनों से सफर करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जीटी रोड पर बना बादलपुर बस स्टैंड आज प्रशासनिक उदासीनता की मिसाल बन चुका है। सुविधाओं से लैस यह बस स्टैंड होने के बावजूद उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें यहां नहीं रुक रही हैं, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को निजी वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण इस स्टैंड पर बसों को रुकने की मांग काफी समय से कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल के दौरान उनके पैतृक गांव बादलपुर में यह बस स्टैंड बनाया गया था। उस समय यहां यात्री विश्राम शेड, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं और दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत कई प्रमुख रूटों की बसें यहां रुकती थीं। सुबह के समय दिल्ली के लिए विशेष बस का संचालन भी होता था।
आज स्थिति यह है कि करोड़ों रुपये से बना यह बस स्टैंड पूरी तरह उपेक्षित पड़ा है और केवल शोपीस बनकर रह गया है।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि केवल राजनीतिक कारणों के चलते इस बस स्टैंड को नजरअंदाज किया जा रहा है।
-जीटी रोड पर रोडवेज का अधिकृत स्टॉपेज दादरी नगर में निर्धारित है और वहीं सवारियां बैठाई व उतारी जाती हैं। ग्रामीण इस पर बसें रोकने की मांग कर रहे हैं तो इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। -दिनेश कुमार, एआरएम, सिकंदराबाद डिपो