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Noida News: श्मशान घाट न होने से नहर की पटरी पर करते है अंतिम संस्कार

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रामगढ़ गांव के निवासी बोले - अधिकारियों से कई बार की सुविधाओं की मांग, नहीं हुई सुनवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। तहसील क्षेत्र के रामगढ़ गांव में श्मशान घाट की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरी में नहर की पटरी पर दाह संस्कार करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई वर्षों से श्मशान घाट और बरात घर की मांग को लेकर ग्रामीण समाधान दिवस, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बीमारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बुधवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों ने ऐसी ही तमाम समस्याओं की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि रामगढ़ गांव की आबादी करीब पांच हजार है। गांव के रास्तों का निर्माण वर्षों से पहले हुआ था जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। नालियों में भरे गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है। जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गंदे पानी के कारण मच्छर और कीट पनप रहे हैं। जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। सफाई कर्मचारी कभी-कभार आकर औपचारिकता निभा कर चले जाते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पहले गांव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन हाईकोर्ट से स्टे लगने के कारण यह बीच में ही रोक दी गई। इसी कारण गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके अलावा प्राइमरी स्कूल की स्थिति भी बेहद दयनीय है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की जमीन प्रदेश सरकार द्वारा अंसल बिल्डर को दिए जाने के लिए गांव को बुलंदशहर विकास प्राधिकरण से जोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
कोट

गांव की समस्याओं को लेकर समाधान दिवस और जिलाधिकारी से कई बार शिकायत की जा चुकी है।- महेश भाटी
गांव में बनी पानी की टंकी सफेद हाथी साबित हो रही है। इससे पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। - पप्पू भाटी
पानी की टंकी निर्माण के लिए रास्तों की खुदाई के बाद मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे सड़कें जर्जर हो गईं।- वीर सिंह भाटी

गांव में बढ़ते मच्छरों और कीटों की समस्या है। अधिकारियों को कीटनाशक दवा के छिड़काव करना चाहिए। - वेदपाल सिंह
गांव गौतमबुद्ध नगर में है। वहीं बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के हस्तक्षेप से जमीन अधिग्रहण से ग्रामीण परेशान हैं। - मांगेराम
जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। केवल चुनाव के समय ही सुध लेते हैं।- दीपक भाटी
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