शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क पढ़ने वाले करीब 13 हजार छात्रों के खातों में 6.50 करोड़ रुपये दिसंबर के पहले सप्ताह में पहुंच जाएंगे। सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को निशुल्क शिक्षा के साथ अब किताबें, काॅपी व बैग खरीदने के लिए हर छात्र को 5-5 हजार रुपये दिए जाते हैं।
कई वर्षों में पहली बार पिछले सत्र में 2566 छात्रों को 5-5 हजार रुपये दिए गए थे। स्कूलों में पढ़ने वाले अन्य छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। इस बार बजट सत्र में सरकार की ओर से आरटीई के तहत छात्रों को रकम देने के लिए अलग से प्रावधान किया गया है। पहली बार अब तक सभी सत्रों में दाखिला लेने वाले छात्रों के खातों में रुपये पहुंच जाएंगे।
जनपद के चारों ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में आरटीई के तहत पढ़ने वाले छात्रों की खाता संख्या विभाग की ओर से पहले ही मांग ली गई थी। विभाग की ओर से हर छात्र की जानकारी शासन को भेजी जा रही है। सभी छात्रों के खातों में कॉपी किताबें व बैग के साथ अन्य सामग्री खरीदने के लिए 5-5 हजार रुपये भेजे जाएंगे।
स्कूलों को होगी प्रतिपूर्ति
छात्रों को आरटीई के तहत पढ़ाने के लिए शासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को भी बजट जारी किया जाता है। विभाग के अनुसार, करीब 410 स्कूलों से मांग पत्र आ चुके हैं। 27 अक्तूबर तक स्कूल प्रबंधन मांग पत्र दे सकते हैं। इसके बाद उन्हें छात्रों की फीस की प्रतिपूर्ति नहीं होगी। प्रत्येक छात्र के हिसाब से 450 रुपये हर माह शासन की ओर से स्कूलों को दिए जाते हैं। पिछले सत्र में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये स्कूलों को जारी हुए थे।
सत्र 2024-25 में छात्रों आवंटित सीटें
लॉटरी आवेदन आवंटित सीट
पहली 5810 2563
दूसरी 3891 1561
तीसरी 1602 662
चौथी 506 275
हर सत्र में आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों के खातों में कॉपी-किताब के साथ अन्य सामग्री को खरीदने के लिए पहली बार 5-5 हजार रुपये खातों में पहुंचेंगे। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को भी फीस प्रतिपूर्ति की जाएगी।
- राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी