आरोप-शिकायत करने पर विद्युत निगम नहीं लेता जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर की कई हाईराइज सोसाइटियों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद निवासियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली का बिल और विभिन्न शुल्क समय पर वसूलने के बावजूद फाॅल्ट होने पर बिल्डर और विद्युत निगम एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी सोसाइटी में रहने वाले परिवारों को होती है। उनका आरोप है कि सोसाइटी के अंदर फाॅल्ट होने पर विद्युत निगम मरम्मत से इंकार कर देता है।
निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में बिजली गुल होने के बाद सबसे पहले मेंटेनेंस टीम से संपर्क किया जाता है। टीम की ओर से कई बार फाॅल्ट को विद्युत निगम के क्षेत्र का बताकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जाती है। वहीं निगम के अधिकारियों का कहना होता है कि फाॅल्ट सोसाइटी के आंतरिक नेटवर्क में है, इसलिए इसे बिल्डर या मेंटेनेंस एजेंसी को ही ठीक कराना होगा। इस टालमटोल में कई बार घंटों बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। लिफ्ट, पानी की मोटर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी बिजली पर निर्भर होने के कारण समस्या और बढ़ जाती है।
यूपीपीसीएल ने हमारी सोसाइटी के बाहर तक ही सिर्फ काम किया है। हमारे घर तक का बैकअप के लिए भी मदद नहीं करते हैं। बिल्डर भी नहीं सुनता है। -प्रभा, गार्डेनिया ग्लोरी
इसकी जिम्मेदारी पीवीएनएल और यूपीसीएल की होनी चाहिए। बड़ी खराबी होने पर अतिरिक्त खर्च का बोझ निवासियों को उठाना पड़ता है। -अमित, हाइड पार्क सोसाइटी
विद्युत निगम को एओए से समझौता कर सोसाइटी के विद्युत ढांचे का रखरखाव और उपकरणों का बदलाव करना चाहिए। ऐसा कभी नहीं होता है। - अरुण शर्मा, सुपरटेक केपटाउन
हमारी सोसाइटी में हम से बिना पूछे ही मल्टीकनेक्शन को मंजूरी मिल गई। सबसे बड़ी दिक्कत डिस्पले की है, क्योंकि कई बार पता ही नहीं चलता कि लाइट है कि नहीं। - गौरव असाती, आम्रपाली जोडिएक
मल्टीपाइंट में विद्युत निगम की घर तक की जिम्मेदारी होती है, पर वह सोसाइटी के अंदर कुछ काम नहीं करते हैं। शिकायत पर कोई मदद नहीं मिलती है। - अभिनव सैनी, ग्रैंड अजनारा, महासचिव
मल्टीपाइंट कनेक्शन में मीटर बदलने में देरी, बिलिंग और प्रीपेड मीटर से जुड़ी समस्या आती है। इससे एओए और निवासियों के बीच भी स्पष्टता का अभाव रहता है। -सूरोजीत दास गुप्ता, नोफा महासचिव
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