-यूपी रेरा ने माना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग, चौथी बार की थी शिकायत
-यूपी रेरा के आदेश पर कब्जे के साथ देरी पर जुर्माना भी पा चुका है खरीदार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की पीठ ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने पर एक शिकायतकर्ता पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। खरीदार लगातार शिकायत कर रहा था। जबकि दो शिकायत में खरीदार के पक्ष में आदेश आ चुका था। चौथी बार शिकायत करने पर पीठ ने अनुचित आचरण मानकर खरीदार पर कार्रवाई की है। ताकि फिर कोई ऐसा नहीं कर सके। यूपी रेरा ने पहली बार इस तरह की कार्रवाई की है।
ग्रेनो वेस्ट में गौड़संस बिल्डर का कॉमर्शियल प्रोजेक्ट है। खरीदार ने यूपी रेरा में शिकायत की थी। खरीदार की पहली शिकायत पर यूपी रेरा की पीठ ने 29 अक्तूबर, 2020 को आदेश जारी किया था। जिस आदेश का पालन कर बिल्डर ने 7 फरवरी, 2021 को खरीदार को कब्जा दे दिया। जबकि 29 जुलाई, 2021 में खरीदार के नाम रजिस्ट्री करा दी। इसके बाद खरीदार ने यूपी रेरा के न्याय निर्णायक अधिकारी की पीठ में शिकायत की। उनकी पीठ ने बिल्डर को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि खरीदार ने तीसरी बार फिर शिकायत की। पिछली शिकायतों में न्याय मिलने को आधार मानकर जुलाई, 2022 में शिकायत को खारिज कर दिया गया, लेकिन खरीदार यहीं नहीं माना और अक्तूबर, 2023 में फिर शिकायत कर दी। जिस पर यूपी रेरा की पीठ वन के पीठासीन अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया और शिकायत को खारिज कर खरीदार पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यूपी रेरा की पीठ ने माना है कि खरीदार ने कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की मंशा से शिकायत की है।
देश में खरीदारों की कुल शिकायतों का 40 प्रतिशत हिस्सा यूपी रेरा के पास है। ऐसे में अगर कोई खरीदार गैर जिम्मेदार तरीके से पीठ का समय बर्बाद करेगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खरीदार का अनुचित आचरण था। तभी खरीदार पर जुर्माना लगाया गया हैं।
संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा