उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने हाल ही में आम्रपाली बिल्डर पर 86 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन रेरा अब इस धनराशि की वसूली नहीं कर सकेगा। आम्रपाली के सभी 43 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द होने के बाद से रेरा का अधिकार समाप्त हो गया है।
वहीं, आम्रपाली का नाम यूपी रेरा की डिफॉल्टर सूची में शामिल नहीं होगा। यूपी रेरा ने 30 अगस्त को 1053 प्रोजेक्टों के बिल्डरों पर 18.53 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इन बिल्डरों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट की वार्षिक और तिमाही कार्य योजना नहीं दी थी। वार्षिक कार्य योजना नहीं देने वालों पर दो-दो और तिमाही कार्य योजना नहीं देने वालों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
आम्रपाली बिल्डर ने भी अपने 43 प्रोजेक्टों की वार्षिक कार्य योजना नहीं दी थी। रेरा ने दो लाख रुपये के हिसाब से कुल 86 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 15 दिन में जुर्माना राशि जमा कराने का नोटिस भी जारी किया गया।
जुर्माना नहीं देने पर आरसी जारी कर वसूली होती, लेकिन पांच दिन बाद ही रेरा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आम्रपाली के सभी 43 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द कर दिया। उसके बाद जुर्माने के नोटिस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब रेरा ने साफ कर दिया है कि पंजीकरण रद्द होने के बाद से उनका वसूली का कोई अधिकार नहीं रहा है। सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
रेरा की डिफॉल्टर सूची में नहीं होगा आम्रपाली
यूपी रेरा ने आम्रपाली के अलावा उन्नति फॉरच्यून होल्डिंग और रोहताश बिल्डर के प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द किया था। साथ ही इन दोनों को डिफॉल्टर घोषित किया और अपनी वेबसाइट पर फोटो के साथ इनकी सूची जारी की है। लेकिन आम्रपाली बिल्डर रेरा की डिफॉल्टर सूची में नहीं होगा। रेरा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंजीकरण रद्द किया गया है। बिल्डर रेरा का डिफॉल्टर नहीं था।
शाहबेरी के प्रोजेक्टों को वेबसाइट से हटाया
यूपी रेरा ने पिछले सप्ताह शाहबेरी गांव के 16 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द किया था। अब रेरा ने इन सभी प्रोजेक्टों को अपनी वेबसाइट से भी हटा दिया है। हालांकि, रेरा इन प्रोजेक्टों को डिफॉल्टर घोषित नहीं करेगा। अफसरों को कहना है कि प्रोजेक्टों को गलत तरीके से पंजीकृत कराया गया था। रेरा के दायरे से भी बाहर है। ऐसे में इनको डिफॉल्टर घोषित कर वेबसाइट पर डालने का कोई औचित्य ही नहीं है।