वाहनों पर आकर्षक और अति महत्वपूर्ण नंबरों के शौकीन लोगों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी ही पडे़गी। अभी तक वीआईपी नंबरों की अधिकतम रिजर्व प्राइस 15 हजार रुपये था, लेकिन अब उसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। हालांकि यदि कोई व्यक्ति आकर्षक नंबर नहीं लेता है तो उसी नंबर को दोपहिया वाहन स्वामी को कम कीमत में मिल सकेगा। यह नियम आने वाली सीरीज में लागू होगा।
दरअसल, परिवहन विभाग की ओर से जिले में 346 नंबरों को वीआईपी, वीवीआईपी नंबरों की श्रेणी में रखा गया था। इन नंबरों को 4 श्रेणी में बांटा गया था। पहली श्रेणी के नंबर को बुक कराने के लिए रिजर्व राशि 15 हजार रुपये थी, दूसरे के लिए साढे़ सात हजार और तीसरे के लिए 6 हजार व चौथी श्रेणी में 3 हजार रुपये से नंबर बुक कराए जाते थे।
दो सीरीज में इन नंबरों को बुक करने लिए रिजर्व राशि से ऊपर बोली लगाकर ही नंबर को खरीदा जा सकता था, लेकिन एक बार फिर सरकार की ओर से इन नंबरों की कीमत बढ़ा दी गई है।
श्रेणी एक में 17 नंबर
श्रेणी एक के वीआईपी नंबर--0001, 002, 0003, 0004, 0005, 0006, 0007, 0008, 0009, 1111, 2222, 4444, 5555, 7777, 8888 व 9999 के अलावा 786 को रखा गया है। इसके लिए चार पहिया स्वामी को बोली एक लाख रुपये से शुरू करनी होगी। यदि कोई व्यक्ति इन नंबरों को नहीं खरीदता है और कोई नंबर बच जाता है तो दोपहिया वाहन स्वामी 20 हजार रुपये से बोली लगाकर ले सकता है।
दूसरी श्रेणी के लिए 50 हजार से शुरू करनी होगी बोली
दूसरी श्रेणी में 10,11, 22, 33, 44, 55, 66, 77, 88, 99, 100, 111, 200, 222, 300, 333, 400, 444, 500, 555, 600, 666, 700, 777, 800, 888, 900, 999,1000, 1100, 2000, 2200, 3000,3300,4000, 4400, 5000, 5500, 6000, 6600,7000, 7700, 8000, 8800,9000, 9900 सीरीज के 46 नंबरों को खरीदने के लिए 50 हजार रुपये से बोली शुरू करनी होगी।
तीसरी श्रेणी में 96 नंबर
तीसरी श्रेणी में 96 नंबरों को रखा गया है। इनमें 18, 27, 36, 45, 54, 63, 70,72, 81,90, 101, 214, 909, 1001, 1200, 1300, 1400, 1500, 1600, 1700, 1800, 1900, 2002, 2100, 2300, 2400, 2500, 2600, 2700, 2800, 2900, 3003, 3100, 3400, 3500, 3600, 3663, 3700, 3800, 3900, 4004, 4100, 4200, 4300 आदि नंबरों की नीलामी के लिए 25 हजार रुपये से बोली लगानी शुरू करनी होगी।
चौथी श्रेणी में 15 हाजर से लगानी होगी बोली
चौथी श्रेणी के नंबर 20, 30, 40, 50, 60, 80, 202, 303, 404, 505, 606, 707, 808, 1122, 1133, 1144, 1155, 166, 1177, 1188, 1199, 1881, 2211, 2233, 2244, 2255, 2266, 2277, 2288, 2299, 2772, 3311, 3322, 3344, 3355, 3366, 3377, 3388, 3399, 4411, 4422, 4433, 4455, 4466, 4477, 4488, 4499, 5511, 5522, 5533, 5544, 5566, 5577, 5588, 5599, 6611 आदि नंबरों के लिए 15 हजार रुपये से बोली से शुरू करनी होगी।
पिछले दिनों दो सीरीज में लोगों ने कुछ गड़बड़ी करके राजस्व की हानि पहुंचाया था। उसे रोकने के लिए कुछ सुधार करते हुए नंबरों की नीलामी की रिजर्व राशि बढ़ा दी गई है। 0001 जैसे नंबरों के लिए एक लाख से बोली लगानी शुरू करनी होगी। इसमें दो पहिया वाहन स्वामियों को छूट दी गई है। यदि नंबर बुक नहीं होता है तो उनको काफी सस्ते में मिल जाएंगे।
एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्धनगर