बाइक बोट के कार्यालय पर एकत्रित हुए बाइक बोट के पीड़ित। संवाद
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ग्रेटर नोएडा। कोरोना के कारण बाइक बोट के मुख्य दफ्तर पर अन्य राज्यों के निवेशक या उनके प्रतिनिधि नहीं पहुंचा पा रहे थे, लेकिन रविवार को एक बार फिर महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, यूपी, दिल्ली आदि कई राज्यों के प्रतिनिधि कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर एकत्रित हुए और आरोपियों के खिलाफ रणनीति बनाई। प्रतिनिधियों ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, शेष संपत्ति जब्त करने और जब्त की जा चुकी संपत्ति व वाहन नीलाम कर पीड़ितों को पैसे दिलाने की बात कही। निवेशकों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो अग्र आंदोलन करेंगे।
बाइक बोट के दफ्तर पर लंबे समय से धरना दे रहे मुन्ना बालियान ने बताया कि कई प्रदेशों के प्रतिनिधि रविवार को पहुंचे थे। निवेशकों ने आरोपियों पर कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा शेष संपत्ति को जब्त कराने व जब्त संपत्ति को नीलाम कराने पर चर्चा की। अभी आरोपियों की पांच फीसदी संपत्ति भी जब्त नहीं की गई है। शेष संपत्ति जल्द जब्त की जानी चाहिए। प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस ने अब तक जो भी संपत्ति जब्त की है। उसे नीलाम कर पीड़ितों को रुपये वापस देने की कार्रवाई शुरू करे की बात कही।
इस अवसर पर एडवोकेट राजू त्यागी, मनीष हिंदुस्तानी, एडवोकेट नीरज श्रीवास्तव, एडवोकेट हरी भजन सिंह, लाल बाबू, मनीष लेखवानी, बिजेंद्र फौजी, अरुण पालीवाल, अजेंदर कुमार, संदीप शर्मा, कैप्टन ओमप्रकाश चौधरी, मनोज गोदारा आदि निवेशकों और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।