नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली और हरियाणा सरकार से पूछा है कि आखिर कभी साफ बहने वाली साहिबी नदी नजफगढ़ नाले में कैसे बदल गई। एनजीटी ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि इस जलमार्ग के पुनरुद्धार और सफाई के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मामला प्रकाश यादव बनाम हरियाणा राज्य व अन्य से जुड़ा है, जिस पर न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ सुनवाई कर रही है। अदालत ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी इस मामले पर जवाब मांगा था। मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा कि नदियाँ राज्य सरकारों के अधीन आती हैं। उनका उत्तर मुख्य रूप से नमभूमि और नजफगढ़ झील पर केंद्रित रहा। एनजीटी ने कहा कि मंत्रालय का जवाब अधूरा है और दिल्ली सरकार को अब एक महीने के भीतर साहिबी नदी (नजफगढ़ नाला) मुद्दे पर स्पष्ट कार्ययोजना पेश करनी होगी। इस बीच, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने दावा किया है कि उनका सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर्यावरण मानकों के अनुरूप काम कर रहा है। हालांकि, याचिकाकर्ता प्रकाश यादव ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार प्लांट के पास वैध संचालन अनुमति (सीटीओ) नहीं है, जो 1 अक्तूबर, 2023 को समाप्त हो चुकी है। संवाद