फिरोजपुर झिरका। तहसील कार्यालय में अधिकारियों द्वारा लगातार बिना एनओसी कृषि योग्य भूमि पर रजिस्ट्री की जा रही है, जिससे अवैध रूप से मरला में प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि रजिस्ट्री करने के लिए नगर पालिका और जिला योजनाकार अधिकारी (डीटीपी) से कोई एनओसी नहीं ली जा रही है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को 27 में से 26 रजिस्ट्रियां बिना एनओसी के हुईं।
प्रदेश सरकार अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रयासरत है। वहीं, प्रशासन की अनदेखी के कारण कृषि योग्य भूमि पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि कुछ समय पहले जिला योजनाकार अधिकारी द्वारा कुछ भूमाफियाओं पर मुकदमे भी दर्ज किए गए थे। लेकिन, इसके बावजूद भी लगातार अवैध प्लॉटिंग की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद भी ऐसे ही स्थानों पर बिना नगर पालिका और डीटीपी से एनओसी लिए रजिस्ट्री की जा रही है। 2 दिन तहसीलदारों की हड़ताल के बाद जैसे ही बुधवार को कार्यालय खुला तो रजिस्ट्री कराने वाले लोग इधर से उधर कार्यालय में घूमते नजर आए। नगर पालिका में तैनात अधिकारियों की मानें तो गत एक माह से लगातार बिना एनओसी लिए बेरोकटोक रजिस्ट्री की जा रही है।
अवैध कॉलोनियों बनाने पर होगी कार्रवाई
इस बारे में जिला योजनाकार अधिकारी वेद प्रकाश का कहना है कि नूंह क्षेत्र और तावडू क्षेत्र सेवन ए में आते हैं। अगर फिर भी अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग द्वारा गाइडलाइन के अनुसार लोगों को जागरूक करने के लिए लिखा जाता है कि यह भूमि कृषि योग्य है। अगर फिर भी लोग ऐसे स्थानों पर प्लॉट लेते हैं तो वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वर्जन
कृषि योग्य भूमि लाल डोरे से बाहर की है। जिस पर एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं होती है। यह क्षेत्र सेवन ए में नहीं पड़ता है। फिर भी राजस्व विभाग की गाइडलाइन के अनुसार जागरूक करने के लिए कृषि योग्य भूमि पर की जा रही रजिस्ट्री पर स्पष्ट रूप से लिखा जा रहा है कि यह खेतीबाड़ी की जमीन है। अगर कोई निर्माण करता है तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। तुलसी प्रसाद, नायब तहसीलदार