-मान्यता प्राप्त स्कूलों में पांचवीं की पढ़ाई नहीं करने वाले बच्चों पर लागू होगा नियम
-अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र के लिए छठी की दाखिला नीति में किया गया बदलाव
-सातवीं के लिए नियम 2025-26 और आठवीं के लिए 2026-27 में लागू होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा निदेशालय के बीते साल पांचवीं कक्षा और आठवीं में फेल न करने की नीति को हटाने के बाद अब अप्रैल से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र 2024-25 से दाखिले की मौजूदा नीति को संशोधित किया है। अब छठी कक्षा में बच्चे का दाखिला पांचवीं कक्षा में पास होने पर ही होगा। जबकि यदि बच्चे ने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से पांचवीं की पढ़ाई नहीं की है तो उसका दाखिला पढ़ने व जमा, घटा, गुणा, भाग के कौशल का मूल्यांकन करने के बाद होगा। इसी तरह का नियम सातवीं व आठवीं कक्षा के दाखिले के लिए भी होगा।
छठी कक्षा में दाखिले के यह नियम अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र 2024-25 से लागू होंगे। जबकि सातवीं कक्षा के दाखिले के नियम 2025-26 से और आठवीं कक्षा के दाखिले के नियम 2026-27 से लागू किए जाएंगे। नर्सरी से पांचवीं तक के दाखिले मानदंड पर इन संशोधित नियमों का असर नहीं होगा। शिक्षा निदेशालय ने नए संशोधित नियम जारी दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के प्रमुखों को शैक्षणिक सत्र 2024-25 ने इन दाखिला मानदंडों का पालन करने के लिए कहा है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि पांचवीं और आठवीं कक्षा में फेल ना करने (नो डिटेंशन पॉलिसी) को हटा दिया गया है। इसलिए छठी से आठवीं कक्षा में दाखिले की मौजूदा नीति को संशोधित करने की आवश्यकता है।
छठी कक्षा में दाखिले के लिए संशोधित नियमों के अनुसार यदि किसी बच्चे ने मान्यता प्राप्त स्कूल से पांचवीं कक्षा को उत्तीर्ण किया है तो उसे इस शर्त पर दाखिला दिया जा सकेगा कि उसके पास स्कूल की ओर से जारी वैध अंकतालिका, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या फिर माइग्रेशन प्रमाणपत्र हो। वहीं यदि किसी बच्चे ने मान्यता प्राप्त स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ाई नहीं की है लेकिन उसकी उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच है तो उसे आरटीई अधिनियम के तहत छठी कक्षा में दाखिला दिया जा सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि स्कूल प्रमुख उसके लिखने-पढऩे व संख्यात्मक कौशल की जांच करेगा। इसमें बच्चे की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल का आकलन करने के लिए निर्देशित किया गया है। यदि स्कूल प्रमुख बच्चे के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है तो बच्चे को पांचवीं में ही सीट की उपलब्धता के आधार पर दाखिला दिया जा सकता है।
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सातवीं और आठवीं में दाखिला मानदंडों में इस साल बदलाव नहीं
शिक्षा निदेशालय के अनुसार सातवीं और आठवीं कक्षा के लिए मौजूदा दाखिला मानदंडों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से कोई बदलाव नहीं होगा। सातवीं कक्षा के लिए दाखिला मानदंड 2025-26 और आठवीं कक्षा के लिए 2026-27 से लागू होंगे। यदि किसी बच्चे ने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से छठी या सातवीं कक्षा में पढ़ाई की हो और उसे उत्तीर्ण घोषित किया गया है तो उसे सातवीं व आठवीं दाखिला दिया जा सकता है। इसके लिए उसके पास स्कूल की ओर से जारी वैध अंकतालिका, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर, माइग्रेशन सर्टिफिकेट होना चाहिए। वहीं यदि किसी बच्चे ने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से छठी व सातवीं कक्षा में पढ़ाई नहीं की है तो वह सातवीं व आठवीं में दाखिले पा सकता है। इसके लिए स्कूल प्रमुख उसके लिखने-पढऩे व संख्यात्मक कौशल को जांचेगा। उसके प्रदर्शन से संतुष्ट होने पर उसे दाखिला मिल जाएगा। अन्यथा उसे उस कक्षा से निचली कक्षा में प्रवेश मिलेगा।