शहर में सार्वजनिक धार्मिक सभा के बैनर तले चल रहे रामलीला महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को दशहरे के मौके पर रावण के पुतले का दहन किया गया। भगवान श्रीराम का अग्निबाण लगते ही पुतला धू-धूकर जलने लगा। जोरदार आतिशबाजी से आसमान में सतरंगी छटा बिखर गई।
इससे पूर्व शोभायात्रा के रूप में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, वानर सेना, मां काली और भैरव के स्वरूप एमजी पॉलिटेक्निक के मैदान पर पहुंचे। यहां श्रीराम और रावण के युद्ध की लीला का मंचन हुआ। शोभायात्रा के दौरान शहर में कई जगह लोगों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान जी के स्वरूपों की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर उन्हें युद्धभूमि के लिए विदाई दी।
रावण वध का गवाह बनने के लिए शहर के अलावा दूर-दराज के गांवों से भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। मैदान पर पहुंचते ही भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान महाराज व काली माता के स्वरूपों ने रावण के पुतले की परिक्रमा लगाई। रावण का पुतला जलते ही चारों और भगवान श्रीराम की जय-जयकार होने लगी।
पुतला दहन स्थल पर लगे मेले में लोगों ने चाट-पकौड़ी का जायका लिया तो बच्चों व युवाओं ने खेल-तमाशों का लुत्फ उठाया। समाजसेवी डाॅ. अविन शर्मा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में सह संयोजक अमित यादव, प्रबंधक कृष्ण कुमार गौतम उर्फ पवन गौतम, उप प्रबंधक मुकेश शर्मा, डॉ. राजीव लोचन उपाध्याय, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार अग्रवाल, निरीक्षक पंकज चौधरी, स्वागताध्यक्ष कुशाग्र यादव, मीडिया प्रभारी देशदीपक रावत, संजीव पंडित, छविरंजन द्विवेदी सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
खूब बिके टेसू व झांझी
हाथरस। आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक के मैदान पर रावण के पुतला दहन के बाद घर लौटते समय लोगों ने टेसू और झांझी की खरीदारी की। टेसू 30 रुपये से लेकर 100 रुपये तक में बिके, जबकि झांझी 20 से 50 रुपये तक में बिकी।
पूरे दिन बंद रहा भारी वाहनों का प्रवेश
शहर के आगरा रोड पर पूरे दिन भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहा। डीआरबी इंटर कॉलेज तिराहा व नगला भुस से बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया गया। शाम के समय दो पहिया वाहनों को भी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। इस कारण वाहन चालकों को काफी घूमकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। बड़े वाहन बाईपास से ही इधर से उधर रवाना होते रहे।
पॉलिटेक्निक के मैदान में कराई भगवा बैरिकेडिंग
एमजी पॉलिटेक्निक के मैदान में इस साल भगवा बैरिकेडिंग कराई गई। इस साल श्रीराम की शोभायात्रा का मार्ग भी बदल दिया गया। मुख्य मार्ग की बजाय हरिओम एन्क्लेव के रास्ते से शोभायात्रा को प्रवेश दिया गया और सीमा उपाध्याय नगर से रास्ता बनाकर मैदान तक पहुंचाया गया।
मैदान की जगह सड़क पर लगीं ढकेलें
इस साल एमजी पॉलिटेक्निक के मैदान में दलदल होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से चाट-पकौड़ी की ढकेलों को मैदान में अंदर नहीं आने दिया गया। सभी चाट-पकौड़ी की ढकेलों को आगरा रोड पर सड़क किनारे ही लगवाया गया।