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Noida News: नहीं मिल रही जमीन...फाइलों में भटक रहीं बड़ी परियोजनाएं

Fri, 03 Oct 2025 01:29 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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शहर के तालाब चौराहा ​स्थित ओवरब्रिज के नीचे वह स्थान, जहां पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किय - फोटो : samvad
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जिले के विकास व लोगाें की बुनियादी जरूरतों से जुड़ीं परियोजनाओं की फाइलें सरकारी कार्यालयों में भटक रही हैं। आलम यह है कि इन बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उपयुक्त भूमि तक प्रशासन नहीं तलाश पाया है। यही वजह कई परियोजनाओं पर कार्यादेश जारी होने के बाद भी काम नहीं शुरू हो पा रहा है। यह हाल तो तब है, जब इन परियोजनाओं की समीक्षा महीने में एक बार अवश्य होती है, लेकिन पूरी प्रक्रिया सिर्फ पत्राचार तक ही सिमटी हुई है। ऐसे में जमीन पर ये परियोजनाएं कब तक आकार ले पाएंगी, यह कहना फिलहाल मुश्किल है।
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बस स्टैंड के लिए अभी तक हस्तांतरित नहीं हुई भूमि
सिकंदाराऊ में बस स्टेशन की मांग तो वर्षों पुरानी है, लेकिन 2022 में इसके लिए भूमि के चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू हुई। ग्राम महामई सलावत नगर में भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन चार नवंबर 2022 को इस भूमि के अनुकूल न होने के कारण इसे परिवहन विभाग को देने पर अड़ंगा लग गया। इसके बाद फिर से ग्राम रतनपुर हुसैनपुर में कृषि फार्म की भूमि इसके लिए देने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस भूमि को हस्तांतरित करने के लिए 24 अक्तूबर 2024 के बाद तीन अनुस्मारक भेज गए, लेकिन अभी तक भूमि हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण में फंसा भूमि का पेच
जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए प्रदेश सरकार के बजट में करीब चार साल पूर्व घोषणा हुई थी। 12 जून 2023 को तहसील सासनी में दुग्ध संघ की भूमि पर मेडिकल काॅलेज की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। 6.675 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिए जाने का प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद पत्राचार का दौर शुरू हुआ है। 28 जुलाई 2023 को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को फिर से प्रस्ताव भेजा गया। इसके बाद फिर से 19 जुलाई 2025 को चिकित्सा शिक्षा विभाग को सशुल्क भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। काफी मंथन के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग को यह भूमि सशुल्क उसी दर पर देने का निर्णय लिया गया, जिस लागत पर इसका अधिग्रहण 1987 में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने किया था। अभी तक यह प्रक्रिया कागजों में ही दौड़ रही है।
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ऑडिटोरियम के लिए नहीं हो सकी भूमि फाइनल
दाऊजी मंदिर के समीप ऑडिटोरियम के लिए परियोजना प्रबंधक उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड यूनिट-04 आगरा के यहां से 988.03 लाख का आगणन 10 नवंबर 2022 में संस्कृति विभाग को भेजा गया। 28 जून 2024 को संस्कृति विभाग ने दो से तीन एकड़ निशुल्क भूमि की जिला प्रशासन से मांग की। 12 जुलाई को भूमि उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी किए गए। 13 अगस्त 2024 को नगर पालिका क्षेत्र की नजूल भूमि को संस्कृति विभाग के पक्ष में आवंटित किए जाने के लिए नगर विकास विभाग को पत्र भेजा गया। इसके बाद भूमि हस्तांतरण के लिए पत्राचार शुरू हुआ। 23 सितंबर को आखिरी पत्र मंडलायुक्त आगरा को अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक भूमि निर्माण प्रकिया अधर में लटकी है।
कार्यादेश के बाद भी शुरू नहीं हुआ स्ट्रीट फूड जोन का कार्य
जिले में आगरा चौपाटी की तर्ज पर एक स्ट्रीट फूड जोन बनाया जाना प्रस्तावित है। नगर पालिका परिषद हाथरस द्वारा इसे विकसित किए जाने के लिए आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक के क्रीड़ा स्थल के पास जगह चिह्नित कर ली गई है। इस कार्य के लिए 39.08 लाख का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को भेजा गया। एक मई को 15वें वित्त आयोग के तहत जिलाधिकारी ने इसके लिए स्वीकृति प्रदान की। इस स्वीकृत कार्य के लिए कार्यादेश 19 अगस्त को जारी कर दिया गया है, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई भी कार्य शुरू नहीं हुआ है।


पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम भी लटका
शहर में पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम के लिए नगर पालिका द्वारा नगरीय क्षेत्र में तालाब चौराहे पर पुल के नीचे वाली भूमि को चिह्नित किया गया है। इस जगह को पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किए जाने के लिए 79 लाख का प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्य की स्वीकृति मिल गई। यहां भी 19 अगस्त को कार्यादेश जारी होने के बाद भी अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है।
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