-पहले दिन ही शाम तक कुल 909 पंजीकरण हुए
-सबसे अधिक बीकॉम ऑनर्स में हुए रजिस्ट्रेशन
-सत्यापन के बाद मिलेगा फीस भुगतान का लिंक
-नियमित कॉलेज में दाखिला होने पर एसओएल से दाखिला रद कराया जा सकेगा
-जुलाई के अंत तक लिया जा सकता है दाखिला, बाद में तिथि को बढ़ाया जाएगा
-सशस्त्र बलों, पुलिस व अर्धसैनिक बल व उनके बच्चों को फीस में मिलेगी रियायत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए स्नातक व स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले की दौड़ सोमवार को शुरु हो गई। दाखिले के इच्छुक आवेदक एसओएल की वेबसाइट https://sol.du.ac.in. से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यहां दाखिला जुलाई के अंत तक लिया जा सकेगा उसके बाद दूरस्थ शिक्षा बोर्ड की मंजूरी से तिथि को बढ़ाया जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी ने एसओएल में दाखिला ले लिया होगा और बाद में उसे नियमित कॉलेज की सीट आवंटित हो जाती है तो उसे कुल फीस में से पांच सौ रुपये फीस काट कर बाकी फीस वापस कर दी जाएगी।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो पायल मागो ने बताया कि सुबह शुरु हुई दाखिले की दौड़ के तहत शाम तक देशभर से कुल 909 पंजीकरण आवेदकों ने किए। इनमें से छात्रों के बीच सबसे पंसदीदा कोर्स बीकॉम ऑनर्स बना है। इसमें सबसे अधिक 200 पंजीकरण किए गए हैं। इसके बाद बीकॉम, बीए इंग्लिश ऑनर्स, बीए प्रोग्राम विद राजनीति विज्ञान, बीए प्रोग्राम विद इतिहास, और उसके बाद बीए ऑनर्स साइकोलॉजी में पंजीकरण किए गए हैं। प्रो. मागो ने बताया कि पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने के बाद अगले तीन दिनों में फॉर्म और योग्यता का सत्यापन किया जाएगा उसके बाद उन्हें कोर्स की फीस भुगतान के लिए ऑनलाइन लिंक दिया जाएगा। जिस पर वह फीस का भुगतान कर सकेंगे। तभी उनका दाखिला पक्का माना जाएगा।
मालूम हो कि पहली बार सशस्त्र बलों, पुलिस बल व अर्धसैनिक बलों को व उनके बच्चों को फीस में रियायत भी मिलेगी जो कि 25 फीसदी से लेकर 75 फीसदी तक होगी। एसओएल में दाखिले बारहवीं के अंकों के आधार पर होते हैं, हर प्रोग्राम की शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग है। वहीं सीटों की सख्या असीमित होने के कारण यहां नियमित कॉलेजों से दुगुने करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी दाखिला लेते हैं।