सिसवां में बिजली के कटौती को लेकर सौंपा गया ज्ञापन।स्रोत स्वंय
सिसवा बाजार। नगर में जारी अघोषित बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से आक्रोशित उपभोक्ता मंगलवार को उपकेंद्र पर धरने पर बैठ गए। बिजली निगम के अधिशासी अभियंता व नायब तहसीलदार के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया। उपभोक्ताओं ने चेताया कि समस्या का समाधान न होने पर क्रमिक अनशन किया जाएगा।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही बिजली की आंख मिचौली ने इस भीषण गर्मी में नगर वासियों के लिए जीना दुश्वार कर दिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत नवरात्र में व्रत रहने वाली महिलाओं के लिए है। बिजली की अघोषित कटौती व लो वोल्टेज की समस्या से आक्रोशित नगर के उपभोक्ता सभासद प्रतिनिधि राजन विश्वकर्मा के नेतृत्व में विद्युत उपकेंद्र परिसर में धरने पर बैठ गए।
राजन विश्वकर्मा ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पहले भी अधिकारियों से मिलकर शिकायत करके आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से आए दिन अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। साथ ही एक वर्ष से अधिक समय से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या का भी कोई निराकरण नही किया जा रहा है।
त्योहार के सीजन में अगर यही हाल रहा तो विरोध और भी आक्रामक रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बृहस्पतिवार से क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। आंदोलनकारी चार घंटे तक धरना पर बैठे रहे। इसी बीच धरनास्थल पर नायाब तहसीलदार पीयूष जायसवाल व अधिशासी अभियंता डीके सिंह के आने पर पत्रक सौंपा गया। इन अधिकारियों के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।
इस दौरान पूर्व सभासद आकाश सिंह, जितेंद्र वर्मा, व्यवसायी मनोज सोनी, धर्मनाथ खरवार, एडवोकेट उमाशंकर जायसवाल, मकसूद आलम, विकास सिंहानिया, सौरभ खेतान, श्याम जायसवाल, मनीष भालोटिया सहित अन्य उपस्थित रहे।