-औद्योगिक क्षेत्रों में हाई अलर्ट, कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी
-मिंडा फैक्टरी के पास फायरिंग में घायल महिला की हालत में सुधार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसात्मक प्रदर्शन के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पिछले चार दिनों में 1000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लुक्सर जेल भेजा है। अलग-अलग कोतवाली क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों को हिरासत में लिया गया। वहीं, जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद चार लोगों को जेल से रिहा भी किया गया है। जेल में बंद प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए उनके परिजन भी पहुंच रहे हैं।
जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी प्रदर्शनकारियों को पिछले चार दिन में सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल में दाखिल कराया गया है। 1000 प्रदर्शनकारियों को जेल लाया गया है। इनमें चार लोगों को जेल से न्यायालय के आदेश पर रिहा भी किया गया है।
सुबह से शाम तक सतर्क रही पुलिस: औद्योगिक क्षेत्र कासना, सूरजपुर, सिग्मा और ईकोटेक-3 में प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड पर रही। हालांकि देर शाम तक किसी नए प्रदर्शन की सूचना नहीं मिली। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सूरजपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से पूरे जिले की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम के माध्यम से विभिन्न इलाकों से मिलने वाली सूचनाओं को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है।
महिला की हालत में हो रहा सुधारः ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को मिंडा फैक्टरी के कामगारों ने मांगों को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान हुई फायरिंग में फैक्टरी में कार्यरत बिहार निवासी महिला कामगार रानी गोली लगने से घायल हो गई थी। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला का इलाज कैलाश अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत में अब लगातार सुधार हो रहा है।