ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित आम्रपाली गोल्फ होम्स एंड किंग्सवुड सोसाइटी में लिफ्ट में मां और बेटे के आधे घंटे तक फंस जाने से निवासियों ने विरोध जताया है। निवासियों का कहना है कि एडहॉक एओए की ओर से लगातार लापरवाही बरती जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि मदद की गुहार लगाने के बाद भी सुरक्षाकर्मियों से लेकर कोई नहीं आया। लिफ्ट के अंदर उनको सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
सोसाइटी निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि एल नौ टॉवर में महिला और उनका बेटा लिफ्ट में करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। वह फंसने के दौरान लगातार मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन कोई नहीं आया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया। लिफ्ट में फंसी महिला कह रही है कि लिफ्ट में पंखा तक नहीं है। जिसके कारण उनकी सांस फूलने लगी।
करोड़ो रुपये देकर फ्लैट खरीदा है। उसके बाद भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। सुरक्षाकर्मी से शिकायत करने के बाद उसकी ओर से कहा गया कि मेरा कोई यह काम नहीं है। उनका आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा लिफ्ट का गेट खोलने से इनकार किया गया। सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें लिफ्ट का गेट खोलना नहीं आता है। ऐसे में महिला का कहना है कि सोसाइटी में अगर कोई लिफ्ट में फंस जाए तो उनकी मदद या लिफ्ट का गेट और खोलने के लिए कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है, जो की निवासियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
कागजों में चल रहा लिफ्ट एक्ट
निवासियों का कहना है कि कहने को लिफ्ट एक्ट बनाया गया है। जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारी लिफ्ट एक्ट के तहत बैठक भी करते हैं,लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। सोसाइटी में आए दिन लिफ्ट में लोग फंस रहे हैं। कुछ दिनों पहले भी लिफ्ट में तीन से चार लोग फंस गए थे। लिफ्ट की सर्विस कराई जाती है। उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट फंसी थी। संबंधित सुपरवाइजर से रिपोर्ट माँगाई गई है। सुरक्षाकर्मियों से लेकर अन्य को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। तीन सुपरवाइजर मौके पर 24 घंटे मौजूद रहते हैं। जल्द ही सभी को इमरजेंसी नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि कभी ऐसी स्थिति बने, तो किसी को कोई परेशानी न हो। - राघवेंद्र यादव, एडहॉक एओए अध्यक्ष।