फिरोजपुर झिरका। एक ओर जहां प्रदेश सरकार विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर शहर की हालत आज भी बद से बदतर बनी हुई है। जगह-जगह नाले और मैनहोल खुले पड़े हैं। स्थिति यह है कि आए दिन कहीं न कहीं कोई हादसा हो जाता है, लेकिन जिला प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
फिरोजपुर झिरका शहर में कई वर्षों पूर्व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से सीवर लाइन डालने का काम किया गया था। हालांकि शहर में जलभराव होने के कारण नगर पालिका प्रशासन ने सीवर लाइन की जगह कुछ गलियों को चिन्हित कर यहां पर पानी डालने के लिए मैनहोले बना दिए और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उसको ढक दिया। वहीं दूसरी ओर ज्यादातर जगहों पर मैनहोल के ढक्कन भी गायब हो गए हैं। वहीं उनके चारों ओर लगे जाल भी अब नहीं हैं। ऐसे में आए दिन हादसे भी होते रहते हैं।
शहर निवासी राजकुमार गर्ग, अरविंद आर्य, शिव मंदिर प्रधान अनिल कुमार गोयल आदि का कहना है कि जाल नहीं होने से हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। नगर पालिका और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से कई बार समस्या बताई गई, लेकिन वे समाधान कराना ही नहीं चाहते हैं। जल्द ही उपायुक्त को सारी जानकारी देकर समस्या बताई जाएगी।
नगर पालिका द्वारा कई बार मैनहोल और जालों को ढकवा दिया गया, लेकिन कुछ लोग रात के अंधेरे में इसे चुरा ले गए। जो नगर पालिका के लिए के लिए भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। जल्द से जल्द सभी ऐसे स्थानों को चिन्हित कर जाल डलवाया जाएगा। - अशोक गुर्जर, नगर पालिका अध्यक्ष