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Noida News: निजी बसों का किराया फूटा, चार गुना महंगी हुई अपनों संग दिवाली

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नोएडा से प्रयागराज सात हजार तो लखनऊ तक पांच हजार में हो रही बुकिंग
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निजी बसों के बढ़े किराये देने को मजबूर शहरवासी, परिवहन निगम की एसी बसें फुल


माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिवाली पर यात्रियों की भारी भीड़ के कारण वातानुकूलित निजी बसों का किराया रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचता जा रहा है। किराये में चार से सात गुना तक की बढ़ोतरी आंकी जा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यूपी रोडवेज की वातानुकूलित बसें भी सेवाएं दे रही हैं लेकिन त्योहारों में इनमें सीट मिलना आमतौर पर मुश्किल हो जाता है। वहीं, साधारण बसों में अभी सीटें उपलब्ध है।



बस बुकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, 18, 19, 21, 22 अक्तूबर को सबसे अधिक दबाव रहेगा। 18, 19 अक्तूबर को नोएडा से लखनऊ जाने वाली वातानुकूलित निजी बस का किराया 4999 रुपये तक पहुंच गया है जबकि आम दिनों में यही किराया केवल 600 से 700 रुपये रहता है। इसी तरह नोएडा से कानपुर का रोजाना का किराया 700-900 रहता है लेकिन 18,19 और 21, 22 अक्तूबर को यही किराया तीन-चार गुना बढ़कर 2000-3500 रुपए तक हो गया है। इसी तरह नोएडा से वाराणसी का किराया 5770 रुपये, गोरखपुर का 7304 रुपये और प्रयागराज का 7350 रुपये तक पहुंच चुका है।
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निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि त्योहारों में मांग अधिक और सीटें कम होने से किराया बढ़ाना मजबूरी होती है। एक ऑपरेटर ने बताया कि त्योहारों के दिनों में ही कमाई का मौका मिलता है, बाकी साल नुकसान में बसें चलती हैं। उन्होंने यात्रियों को सलाह दी कि जो लोग त्योहार में सफर की योजना बना रहे हैं, वे तुरंत सीट बुक करा लें, वरना अंतिम समय पर किराया और बढ़ जाएगा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से 305 साधारण बसें संचालित हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए www.upsrtc.up.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन सीट बुकिंग की जा सकती है। भीड़ वाले रूटों पर बसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। निजी ऑपरेटरों ने भीड़ वाले रूटों पर दो से तीन अतिरिक्त बसें लगाई हैं, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। वहीं, मोरना स्थित नोएडा डिपो की अपनी एसी बसें नहीं हैं, लेकिन अन्य डिपो की कई वातानुकूलित बसें नोएडा होकर गुजरेंगी।


निजी बसों के रुकने के लिए कोई स्थान भी नही है, इनके स्टॉप न होने के कारण दूर तो होते ही हैं, साथ ही इनके पैसे भी बढ़ जाते हैं। -अविनाश सिंह, सेक्टर-31
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मुझे कानपुर जाना था, इस बार घरवालों संग दिवाली मनाने का प्लान है लेकिन सरकारी बसों की बुकिंग फुल है। वहीं, निजी बसों के रेट बहुत ज्यादा हो गए है। -सागर शर्मा, सेक्टर-62
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18, 19 अक्तूबर को निजी बसों का संभावित किराया (नोएडा से)





रूट किराया (रुपये में)


कानपुर 3500
लखनऊ 4999
वाराणसी 5770
गोरखपुर 7304
प्रयागराज 7350
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