पुन्हाना। दहेज में फॉर्च्यूनर और 20 लाख की जूलरी की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल वालों ने गर्भवती महिला के साथ मारपीट कर उसको घर से बाहर निकाल दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति प्रियांक बत्रा, सास उषा बत्रा और ननद प्रीति सचदेवा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता इक्षिता पुत्री इंद्रजीत निवासी पिनगवां ने बताया कि उसका विवाह 23 नंवबर 2017 को गांव उजीना निवासी प्रियांक बत्रा के साथ हुआ था। शादी में पिता ने करीब 50 लाख खर्च किए थे, जिसमें आठ लाख की कार और करीब 25 लाख जूलरी आदि थी। लेकिन, ससुराल वाले खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही आरोपी फॉर्च्यूनर और 20 लाख की जूलरी की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ आए दिन मारपीट करते थे। एक जुलाई को उसे घर से पिता के साथ मारपीट करके भगा दिया गया, जबकि वह गर्भवती थी। तभी से वह पिता के घर रह रही है। इसी दौरान उसने 16 अगस्त 2018 को बेटे को जन्म दिया। उसने और पिता ने आरोपियों को मुबारकबाद देने के लिए फोन किया, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। पिता इंद्रजीत ने बताया कि जब उसने बेटी की सगाई आरोपी प्रियांक बत्रा साथ की थी तो उसे प्रियांक बीएमएस डॉक्टर बताया था। जब उसने आरोपी के कागजात की जांच की तो पता चला की उसके पास कोई डिग्री नहीं है बल्कि वह एक झोलाछाप है। जांच अधिकारी एएसआई ममता ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के पति प्रियांक बत्रा, सास उषा बत्रा और ननद प्रीति सचदेवा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।