-अमर उजाला संवाद में सेक्टर 104 स्थित गांव हाजीपुर के लोगों का फूटा दर्द
-रोजगार के अवसर बढ़ने पर प्रवासियों की संख्या में दिनोंदिन हो रहा इजाफा
-जनसंख्या का दबाव बढ़ने के साथ ही सीवर, पेयजल व सड़कें दे गईं जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में तेजी से सेक्टर सोसाइटियों का विकास हुआ। उसी तेजी के साथ रोजगार के अवसर बढ़े तो नोएडा जैसे शहर में पूरे देशभर के लोगों ने शहर को अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया। तेजी से बढ़ती प्रवासियों की संख्या के चलते अब गांव में सालों पहले कुछ लोगों के लिए दी गई सुविधाएं अब बढ़ती जनसंख्या के आगे बौनी साबित होती जा रही है, यह बात सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर गांव के ग्रामीणों अमर उजाला संवाद में मंगलवार को कहीं।
उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले गांव की जनसंख्या करीब 4-5 हजार थी। लेकिन आज के समय में यही जनसंख्या 40 हजार से ज्यादा तक पहुंच चुकी है। कारण है प्रवासियों समेत गांव के लोगों की जनसंख्या बढ़ना है। ऐसे में सिर्फ कुछ हजार लोगों के लिए गांव में प्रशासन की ओर से डाली गई सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन जवाब देने लगी हैं। जिस पाइपलाइन से पीने योग्य पानी आना चाहिए था, उससे सीवर का पानी मिश्रित होकर आ रहा है। जिस लाइन के जरिए गांव की गंदगी एसटीपी प्लांटों तक पहुंचनी चाहिए, आज वह बढ़ती जनसंख्या के आगे जवाब दे रही है और ओवरफ्लो होकर गांव में ही फैल रही है। जो गलियां खासी चौड़ी लगती थीं, आज वह इतनी संकरी हो चुकी हैं कि एक चार पहिया वाहन तक गुजारना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा गांव में सालों से न तो खेल मैदान है, न ही कोई पार्क। सीएचसी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नही है। रोजाना घर का कूड़ा उठाने वाली कूड़ागाड़ी अब हफ्तों बाद ही नजर आती है।
कोट
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गांव में बढ़ती जनसंख्या के चलते सालों पुरानी सीवर लाइन नाकाफी है।
-दिनेश अवाना
सालों पहले पानी की पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन उससे गंदा पानी सप्लाई होता है।
-ओमवीर अवाना
यहां सफाई कर्मियों की लापरवाही के चलते नाली से लेकर सड़कों पर अक्सर गंदगी बनी रहती है।
-राजवीर सिंह
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बार बार ट्रिपिंग की समस्या के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-सतपाल सिंह
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गांव में कम से कम सीएचसी, खेल मैदान और बच्चों व बुजुर्गों के लिए पार्क बनना चाहिए।
-यशपाल अवाना
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गांव में साफ सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित हो, इनकी कमी के चलते नालियां चोक पड़ी हैं।
-शाहबुद्दीन