अगले सप्ताह से बढ़ने लगेगा प्रदूषण का स्तर
नोएडा। पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रदूषण के स्तर में कमी आई है, लेकिन आने वाला समय लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। उत्तर प्रदेश के पड़ोसी जिलों के साथ पंजाब, हरियाणा आदि में पराली जलाई जाने लगी है। अगले सप्ताह से इसका असर दिल्ली, एनसीआर के पर्यावरण पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क होने की जरूरत है।
पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि पिछले दिनों हुई हल्की बारिश से एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर कम रहा। आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ धूल के कणों में नमी आएगी। इसकी वजह से हवा की दिशा में भी बदलाव होगा। नोएडा में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर चल रहे काम की वजह से यहां प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा बढ़ने की आशंका है। विक्रांत तोंगड़ के अनुसार सेक्टर-150 में कंस्ट्रक्शन की बड़ी साइट चल रही है। जहां धूल उड़ती रहती है। हवा की दिशा बदलने पर सारी धूल रिहायशी क्षेत्र की ओर उड़कर आएगी। यह लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालेगी। केंद्र सरकार द्वारा संचालित संस्था सफर इंडिया का कहना है कि उत्तर भारत में पराली का जलना शुरू हो चुका है, लेकिन फिलहाल पूर्व की तरफ से चल रही तेज हवा की वजह से इसका असर यहां नहीं पड़ रहा है। अगले सप्ताह से हवा अपना रुख बदल लेगी। ऐसे में हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
प्रदूषण के चलते बीमार हुए थे लोग
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी की वजह से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए थे। इसका बड़ा कारण पटाखों से होने वाला प्रदूषण भी था। इस बार भी यदि इन पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई तो प्रदूषण का स्तर रेड जोन में चला जाएगा।
प्रदूषण बढ़ने पर ये सावधानियां बरतें
मास्क लगाकर चलें, दोपहिया सवार हेलमेट जरूर पहनें
ब्लड प्रेशर के मरीज समय समय पर जांच कराते रहें
अस्थमा के मरीज व बच्चों पर खास ध्यान देने की जरूरत
मार्निंग वॉक पर साढ़े पांच बजे केबाद न जाएं
ठंड से बचने के लिए आग न जलाएं
कूड़ा जलाने से सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण होता है। प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रतिबंध के बाद भी यदि कहीं पराली जलाई जा रही है तो इसका पता लगाया जाएगा। ऐसा करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल कुमार, प्रदूषण क्षेत्रीय अधिकारी