फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: दिवाली के बाद बढ़ा प्रदूषण, जिम्स में 50 फीसदी पहुंचे अस्थमा के मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
-उपचार के साथ चिकित्सकों ने दिया बचाव की सलाह, कहा जरूरत पर ही निकलें बाहर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी



ग्रेटर नोएडा। रोशनी का त्योहार दिवाली जहां चारों ओर खुशियां और उल्लास लेकर आता है, वहीं पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं और बढ़े वायु प्रदूषण ने अस्थमा (दमा) और अन्य सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए संकट पैदा कर दिया है। दिवाली के बाद ही अस्पतालों में अस्थमा के रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिलना शुरू हो गया है। ग्रेनो के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान स्थान (जिम्स) में आम दिनों के मुकाबले अस्थमा के 50 फीसदी से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। चिकित्सक मरीजों को जरूरत के समय ही घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं।


दरअसल, दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।। इससे सांस के मरीजों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जिम्स में मंगलवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आम दिनों से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे है। जिम्स के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार ने बताया, दिवाली पर बड़ी मात्रा में पटाखे जलाने से हवा में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक रसायन और अति सूक्ष्म कण मिल जाते हैं। ये महीन कण फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सांस की नली में सूजन और जलन बढ़ जाती है। इससे अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि अस्थमा एवं अन्य सांस संबंधी रोग से पीड़ित लोगों को दिवाली पर धुएं वाले पटाखों से बचना चाहिए। दिवाली और उसके बाद कुछ दिनों तक मास्क लगाकर रखें। अगर मास्क न हो तो रुमाल को गीला कर चेहरे पर अच्छे से बांध लें। अस्थमा के मरीज अपनी दवाओं को नियमित रूप से लेते रहे, उसमें लापरवाही न बरतें। दिवाली के बाद कुछ दिनों तक सुबह और शाम के समय बाहर टहलने या घूमने न जाएं। अस्थमा के मरीज अपनी रेस्क्यू इन्हेलर हमेशा अपने पास रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिम्स में पहुंचे 150 से अधिक अस्थमा के मरीज
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि मेडिसिन विभाग की ओपीडी में हर दिन 350 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें वायरल बुखार, अस्थमा, उल्टी दस्त समेत बीमारियों के मरीज आते हैं। हर दिन 90 से 100 मरीज अस्थमा की शिकायत लेकर आते हैं। जबकि मंगलवार को दिवाली पर बढ़े प्रदूषण के कारण 150 से अधिक मरीज अस्थमा से पीड़ित पहुंचें। मरीजों को प्रदूषण से बचाव के बारे में बताया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें