गौतमबुद्ध नगर में मध्यम और भारी डीजल मालवाहकों को प्रवेश नहीं मिलेगा। जिले में बीएस-3, बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। वाहन डायवर्ट किए जाएंगे।
बढ़ते प्रदूषण को देख दिल्ली की तर्ज पर गौतमबुद्ध नगर में भी बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इस श्रेणी के सभी हल्के वाहनों के अलावा मध्यम व भारी मालवाहक वाहनों को जिले में प्रवेश नहीं मिलेगा। बाहर से आने वाले वाहन जिले की सीमा से बाहर डायवर्ट कर दिए जाएंगे हैं।
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नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को इस बाबत एडवाइजरी जारी कर कार्रवाई भी शुरू दी है। हालांकि जरूरी सेवाओं से जुड़े मालवाहक वाहनों इससे छूट दी गई है। दरअसल, नोएडा दिल्ली को देश के अन्य प्रदेशों से सड़क मार्ग से जोड़ने में अहम कड़ी की तरह काम करता है।
रोजाना दूसरे जिले और प्रदेशों से आने वाले 10 से 12 लाख वाहन जिलों से होते हुए दिल्ली की तरफ जाते हैं। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर में भी करीब 9.5 लाख वाहन पंजीकृत हैं। जिसमें बीएस-3 श्रेणी के वाहनों की संख्या 1.55 लाख और बीएस-4 के 3.23 लाख वाहन शामिल हैं। जिसमें डीजल से संचालित वाहनों की संख्या 1.16 हजार से अधिक हैं।
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डीसीपी ट्रैफिक अनिल कुमार यादव ने बताया कि जिले में करीब 20 से 25 लाख वाहनों का रोज दिल्ली की तरफ आना-जाना होता है। इसमें से बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के वाहन शामिल हैं। नोएडा बाॅर्डर पर टीम तैनात कर बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों के अलावा मध्यम व भारी डीजल संचालित मालवाहक वाहनों की आवाजाही रोक लगा दी गई है।
दिल्ली की तरफ जाने वाले मालवाहक वाहनों को जेवर टोल प्लाजा व जीरो प्वाइंट के पास से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा। इस मामले को लेकर डीसीपी ट्रैफिक ने सोमवार को सेक्टर-14ए स्थित कार्यालय में उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और संभागीय परिवहन अधिकारियों संग बैठक कर रणनीति तय की।
बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के मानकों का पालन प्राथमिकता से कराने की बात कही गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि इलेक्ट्रिक और सीएनजी संचालित मालवाहकों को दिल्ली की तरफ आने-जाने से नहीं रोका जाएगा।
दिल्ली से बाहर के राज्यों व जिलों में पंजीकृत बीएस-6 डीजल वाहनों को भी दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिले में निर्माण सामग्री ढोने में जुड़े वाहनों पर पानी का छिड़काव करना होा। वाहन चालकों को प्रदूषण प्रमाण-पत्र अपडेट रखना होगा। दस साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को किसी भी हालत में संचालन की अनुमति नहीं होगी।
लाल बत्ती पर इंजन रखें बंद
नोएडा यातायात विभाग ने आम लोगों से ट्रैफिक सिग्नल पर लाइट हरी होने तक इंजन बंद करने की अपील की है। साथ ही प्रदूषण के हॉट स्पॉट वाले मार्ग का उपयोग करने से बचने की सलाह दी गइ है। छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का प्रयोग करें और संभव हो तो अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग करने की सलाह दी गई है।