थानाध्यक्ष बिना जांच किए ही रिकार्ड का चार्ज देना चाहते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लाजपत नगर थानाध्यक्ष दुव्यर्वहार करने को लेकर हमेशा विवादों में बने रहते हैं। नया मामला हवलदार से जुड़ा सामने आया है। थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश हवलदार राघवेंद्र को रिकार्ड का जल्दबाजी व जबरदस्ती चार्ज दे रहे थे। हवलदार ने जांच के बाद रिकार्ड का चार्ज लेने की बात कही तो थानाध्यक्ष आपा खो बैठे। उन्होंने हवलदार से दुव्यर्वहार करते हुए कहा कि काम नहीं करना है तो कहीं जाकर मर जा। इस बात पर हवलदार लाजपत नगर थाने की इमारत की छत पर चढ़ गया। थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह हवलदार को पकड़कर नीचे लाए।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना पिछले सप्ताह की है। सत्यप्रकाश ने राघवेंद्र को थाने के रिकार्ड का इंचार्ज बना दिया था। इसके बाद वे हवलदार से तुरंत रिकार्ड का चार्ज लेने के लिए कहने लगे। इस पर राधवेंद्र ने कहा कि वह रिकार्ड में सारी चीजें यानी फाइल व अन्य आइटम जांच करने के लिए बाद ही चार्ज लेगा। इस पर सत्यप्रकाश बिगड़ गए और हवलदार से दुव्यर्वहार करने लगे। इस पर हवलदार अवसाद में चला गया और थाने की इमारत की छत पर चढ़ गया। इसकी भनक अन्य पुलिसकर्मियों को लगी तो वे राघवेंद्र को पकड़कर नीचे लाए।
इंस्पेक्टर रणवीर ने पुलिस उपायुक्त को लिखित शिकायत दी
लाजपत नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर रणवीर ने थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश की पुलिस उपायुक्त राजेश देव को सोमवार शाम को लिखित शिकायत दी। फोन नहीं उठाने पर सत्यप्रकाश ने समकक्ष इंस्पेक्टर रणवीर की 23 सितंबर को गैरहाजिरी लगा दी थी। इसके बाद रणवीर ने डीडी इंट्री कर दी थी। रणवीर ने अपनी शिकायत में हवलदार के साथ हुए दुव्यर्वहार को लिखा है। उन्होंने ये भी लिखा है कि थानाध्यक्ष के व्यवहार के कारण सब-इंस्पेक्टर थाने से ट्रांसफर कराकर जा रहे हैं। पहले थाने में 12-14 एसआई थे। अब तीन से चार रह गए हैं। रणवीर ने कई और घटनाओं को जिक्र किया है।