9 साल के बच्चे को ऑटो चोरी में पकड़ने पर पुलिस को फटकार
नोएडा। ऑटो चोरी के केस में 9 साल के बच्चे को पकड़ने वाली नॉलेज पार्क पुलिस को किशोर न्याय बोर्ड ने कड़ी फटकार लगाई। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बच्चे को रिहा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जो बच्चा ऑटो चला नहीं सकता वह चोरी कैसे कर सकता है।
बृहस्पतिवार को नॉलेज पार्क पुलिस की टीम ने दादरी निवासी नौ साल के बच्चे को ऑटो चोरी के संदेह में पकड़ा था। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर कुछ सामान समेत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया। बच्चे की उम्र देख किशोर न्याय बोर्ड के न्यायाधीश ने पुलिस को फटकार लगाई। बच्चे को तत्काल निजी बांड पर रिहा करते हुए कहा कि पुलिस उसे अभिभावकों के पास ले जाकर सौंपे और उनके आधार लाकर सौंपने का प्रमाण भी दिखाए। साथ ही सवाल उठाया कि जब बच्चे पर लगे आरोप में सजा सात साल से कम है तो उसे थाने से ही जमानत क्यों नहीं दी गई? पुलिस को हिदायत दी गई कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
बदमाश करते थे बच्चे का इस्तेमाल
नॉलेज पार्क-वन थाने के इंस्पेक्टर उमेश बहादुर सिंह का कहना है कि बदमाश आपराधिक वारदात करने के लिए बच्चे का इस्तेमाल करते हैं। बच्चा सड़क पर रोने का नाटक करता है। जब कोई ऑटो वाला रुककर उससे पूछताछ करता, बदमाश वारदात कर देते थे। एक चोरी में इसी तरह बच्चे का प्रयोग किया गया था। इंस्पेक्टर के अनुसार पुलिस अभिरक्षा में लिए गए बच्चे की उम्र 10 साल है। उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था।
नौ साल के बच्चे को ऑटो चोरी में पकड़कर बोर्ड के समक्ष लाया गया था। बोर्ड ने पुलिस को सख्त हिदायत दी है। ऐसे मामलों में बच्चों को थाने से ही जमानत दी जानी चाहिए।
अनीत बघेल, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड गौतमबुद्धनगर