अमेठी सिटी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज में फर्जीवाड़े के एक माह बाद भी छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में अब तक केवल तीन लोगों को जेल भेजा गया है, जबकि शेष छह की तलाश जारी है। मंगलवार को पुलिस ने संग्रामपुर, कमरौली, जगदीशपुर और रामनगर क्षेत्र में दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी घर पर नहीं मिला।
फर्जीवाड़े में संस्था संचालक प्रिंस उर्फ आजम खान, प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव और सहयोगी आयुष तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जबकि शैलेंद्र, विजय मौर्य, बृजेश, दिलीप बाजपेयी, रेहान खान और आलीशान की तलाश की जा रही है। थाने में अब तक 200 से अधिक पीड़ित विद्यार्थी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मंगलवार को भी कपिल, शिवा, रोली, प्रियंका सहित कई छात्राओं ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
छात्र कपिल ने बताया कि आरोपी रेहान खान अब भी फोन कर एडमिशन के नाम पर छात्रों से संपर्क कर रहा है। अभिभावकों ने कहा कि मेहनत की कमाई से फीस जमा करने के बाद अब न्याय की उम्मीद पर भी सवाल उठने लगे हैं। फर्जी डिग्री और एडमिशन के नाम पर धोखाधड़ी का यह मामला छात्रों और उनके परिजनों में नाराजगी पैदा कर चुका है।
आरोप है कि पुलिस अब तक केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी रवि कुमार सिंह ने बताया कि सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों ने दबिश दी है। जल्द ही सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।