आरोपियों ने बताया था कि कार में अंजलि के फंसने के बाद आवाज सुनाई नहीं दी थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस अंजलि मामले के आरोपियों का हियरिंग टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है। घटना के दौरान आरोपियों ने बताया था कि कार में अंजलि के फंसने के बाद उन लोगों को इसकी आवाज सुनाई नहीं दी थी। इसे देखते हुए पुलिस घटना के समय कार में मौजूद चार आरोपियाें का हियरिंग टेस्ट करवाने की तैयारी कर रही है, ताकि अदालत में इसकी रिपोर्ट पेश कर यह साबित किया जा सके कि इन लोगोंं ने जान बूझकर अंजलि को 13 किलोमीटर तक घसीटा था।
पुलिस ने इस मामले में अब तक बीस लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस साजिश के दृष्टिकोण से भी मामले की जांच कर रही है। साथ ही कार मालिक आशुतोष के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी हादसा होने के बाद आगे जाकर उतरे थे, जहां उन्हाेंने कार के नीचे देखा था कि कोई फंसा हुआ है। पुलिस ने उस रास्ते पर लगे छह सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर टाइम लाइन बनाई है। पुलिस को इस मामले का एक और गवाह मिला है। गवाह और आरोपियों को आमने सामने बिठाकर भी पूछताछ की गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी में दिख रहे लोगों के फेस रिकॉगनेशन के जरिये उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
हत्या की धारा जोड़ने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार थाने के सामने धरना पर बैठा
अंजलि का परिवार सोमवार को इलाके में विरोध मार्च निकाला। वह मार्च करते हुए सुल्तानपुरी थाने पहुंचे। परिवार वालों ने पुलिस से इस मामले में धारा 302 को जोड़ने की मांग की। इसके बाद काफी लोग थाने के सामने बीच सड़क पर बैठ गए।
राजीव कुमार