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Noida News: अदबी नशिस्त में शायरों ने पेश किए कलाम

Tue, 28 Oct 2025 12:12 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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जलालपुर में कार्यक्रम को संबो​धित करते हुए मोहम्मद असलम खान।
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अंबेडकरनगर। हमदर्द कबीला एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार की रात जलालपुर के दलाल टोला में एक शाम उर्दू अदब के नाम अदबी नशिस्त का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन कमर हामिद जलालपुरी, संरक्षण मेराज अहमद व अध्यक्षता संस्थाध्यक्ष सद्दाम सिद्दीकी ने की। सद्दाम सिद्दीकी ने कहा कि शायरी एहसास और जज्बात का नाम है।
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शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि उर्दू ने अमन शांति का पैगाम दिया है। संयोजक हामिद कमर जलालपुरी ने कहा कि अदबी नशिस्त से उर्दू को फरोग मिलता है। संस्थापक मेराज अहमद ने शुक्रिया अदा किया। कुमैल डोंडवी ने शेर पढ़ा कि जुल्म ढाना छोड़ दें वर्ना दास्तां हो जाएगा, हल्क ए आतिश में आकर खुद धुआं हो जाएगा। इंसाफ टांडवी ने पढ़ा कि मैं जिसको चाहूं वह आए गले लगाए मुझे, ये मोजजा भी मोहब्बत कभी दिखाए मुझे। अहमद सईद टांडवी ने पढ़ा कि वह चंद लम्हा ही ठहरा था कुछ बरस पहले, अभी भी जिस्म की खुश्बू मेरे मकान में है। मजहर जमाल जलालपुरी ने पढ़ा कि ताजमहल तो हम भी देते उसको यार निशानी में, सारे सपने टूट गए इस थोड़ी सी नादानी में। इसके अलावा अदबशाला अनवर जलालपुरी के डाॅ. हसन सईद जलालपुरी, हकीम इरफान आजमी, साबिर जलालपुरी, हामिद कमर जलालपुरी, अकरम जलालपुरी, मैकश अंसारी जलालपुरी, महमूद अख्तर जलालपुरी नेे भी कलाम पेश किए। संचालन सितारे उर्दू अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शफी नेशनल इंटर काॅलेज हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने किया।
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