नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर ड्रिप-स्प्रिंकलर से होगी पौधों की सिंचाई
महामाया फ्लाईओवर से ग्रेटर नोएडा की तरफ 6 किलोमीटर के हिस्से का चयन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की हरियाली को बचाने और सड़क हादसों को रोकने के लिए नोएडा प्राधिकरण नई सिंचाई प्रणाली लागू करने जा रहा है। महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-128 अंडरपास तक के 6 किलोमीटर के हिस्से में अब ड्रिप और स्प्रिंकलर तकनीक से पौधों की सिंचाई की जाएगी।
इस पायलट प्रोजेक्ट पर प्राधिकरण 3 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च करेगा। टेंडर में तीन एजेंसियां आई हैं। प्राधिकरण दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। काम सौंपे जाने के बाद पूरा करने में एजेंसियों को तीन से चार महीने का समय लगेगा। इस योजना के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट में कुल 12 भूमिगत टैंक बनाए जाएंगे। महामाया फ्लाईओवर से ग्रेटर नोएडा की ओर 6 टैंक और वापसी की दिशा में 6 टैंकों का निर्माण होगा। इन टैंकों से सेंट्रल वर्ज और सड़क किनारे तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे स्प्रिंकलर के जरिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। सिंचाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी कारणवश एसटीपी से पानी की आपूर्ति बाधित होती है, तो आपातकालीन स्थिति के लिए ग्रीन बेल्ट में बोरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
गर्मियों में पौधों के सूखने की समस्या भी दूर होगी
वर्तमान में टैंकरों के जरिए होने वाली सिंचाई के दौरान तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। नई व्यवस्था से न केवल इन हादसों पर लगाम लगेगी, बल्कि गर्मियों में पौधों के सूखने की समस्या भी दूर होगी। उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन के मुताबिक, स्प्रिंकलर से नियमित छिड़काव होने पर वायु प्रदूषण के नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। परियोजना के लिए निकाले गए टेंडर में तीन एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। फिलहाल तकनीकी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसके बाद फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी।