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Greater Noida: 75 हजार खरीदारों के लिए फ्लैट खरीदने का रस्ता साफ, प्राधिकरण बोर्ड की 133वीं बैठक में फैसला

Tue, 26 Dec 2023 10:35 PM IST
Digvijay Singh माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेनो प्राधिकरण की मंगलवार को 133वीं बोर्ड बैठक में 75 हजार खरीदारों के लिए बनाई गई अमिताभ कांत कमेटी को अंगीकृत कर लिया तो करीब 20 हजार किसानों के लिए भी दरियादिली दिखाई है।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ग्रेनो प्राधिकरण की मंगलवार को 133वीं बोर्ड बैठक में 75 हजार खरीदारों के लिए बनाई गई अमिताभ कांत कमेटी को अंगीकृत कर लिया तो करीब 20 हजार किसानों के लिए भी दरियादिली दिखाई है। बिल्डरों को जीरो पीरियड का लाभ दिया है तो निवासियों के पानी बिल पर लगे दंडात्मक ब्याज के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। वहीं, आवासीय संपत्तियों के कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों के नियमों में ढील दे दी है। साथ ही शहर में सड़कों को कम खर्च में लंबे समय तक चलाने के लिए सीआरआरआई के साथ एमओयू को भी अनुमोदित कर दिया है, मगर उद्यमियों को कुछ झटका दिया है। 

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अब प्राधिकरण ने एक साथ 12 फीसदी दर की बढ़ोतरी करते हुए करीब 20,000 प्रति वर्गमीटर तक दाम कर दिए हैं। इससे उद्यमियों को उद्योग लगाना काफी महंगा हो जाएगा। इस तरह 20 से अधिक प्रस्तावों को पास कर दिया गया है। इस दौरान अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह और सीईओ रवि कुमार एनजी ने गंगाजल परियोजना की समीक्षा की और 40 सेक्टरों से बढ़ाकर इसे ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट तक ले जाने के निर्देश दिए।



 

छोटे उद्योग लगाना हुआ महंगा
ग्रेनो प्राधिकरण ने 20 हजार वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंडों की दर एक समान करते हुए 12 फीसदी तक वृद्धि कर दी है। इससे अब उद्योग लगाना महंगा हो गया है और सभी सेक्टरों में जमीन की दर भी एक जैसी हो गई है। पहले सेक्टरों में अलग-अलग श्रेणी के अनुसार दरें रखी गई थीं। ग्रेनो में अब उद्योग लगाने के लिए 1000 वर्ग मीटर के औद्योगिक भूखंड के एवज में 29,238 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से चुकाने होंगे। यह प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड ने पास कर दिया है। दरअसल, प्राधिकरण की ओर से औद्योगिक भूखंडों के लिए सेक्टरों के अनुसार दर रखी गई थीं। इनमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अभी तक औद्योगिक सेक्टर को चार श्रेणी में बांट रखा है।

 

प्रत्येक श्रेणी के औद्योगिक सेक्टर में आवंटन दर अलग-अलग रखी गई थी। वर्तमान तक एक हजार वर्गमीटर तक के औद्योगिक भूखंड की कीमत 15,666 से लेकर 26,105 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी। जबकि 1001 से 20,000 वर्ग मीटर तक के भूखंड की कीमत 12,008 से लेकर 21,406 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। लेकिन अब प्राधिकरण ने इस नियम में बदलाव करते हुए 1000 से 20000 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 12 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है। इससे अब मार्केट दर से कुछ ही कम रुपये में उद्यमियों को भूखंड खरीदने पड़ेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो छोटे और मझोले उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को अब ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। एक हजार वर्ग मीटर तक के सभी श्रेणी के भूखंडों की कीमत 29,238 रुपये प्रति वर्गमीटर पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है, जबकि 1001 वर्ग मीटर से लेकर 20,000 वर्ग मीटर तक सभी श्रेणी के भूखंडों की कीमत 23,975 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है। बाकी भूखंडों की श्रेणी और कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 20000 वर्ग मीटर से बड़े औद्योगिक भूखंड की दर 9,920 से 20,362 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।

 

बिल्डरों को पांच फीसदी देनी होगी गेस्ट पार्किंग
ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड ने आए दिन गेस्ट पार्किंग को लेकर होने वाले विवाद को कम करने का प्रयास किया है। प्राधिकरण ने ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में अब विजिटर्स पार्किंग पांच फीसदी अनिवार्य कर दिया है। यह प्रस्ताव बोर्ड से पास कर दिया है। ग्रेनो में सोसाइटियों में गेस्ट पार्किंग को लेकर आए दिन निवासियों में विवाद होते हैं। बिल्डरों ने नाममात्र के लिए विजिटर पार्किंग बना दी। फ्लैट बना दिए पांच हजार लेकिन विजिटर के लिए पार्किंग बमुश्किल भी नहीं है। अब बिल्डरों का ओसी और सीसी ही तब जारी किए जाएंगे, जब पांच फीसदी पार्किंग विजिटर की बनाकर दी जाएगी। इस पर किसी भी तरह का कब्जा नहीं होगा और पहले से ही उसे पार्किंग क्षेत्र बनाकर घोषित करना होगा। उसके बाद ही सीसी ओसी दिया जाएगा, जबकि एकल भवनों में एक पार्किंग अनिवार्य है।

 

औद्योगिक, आईटी व संस्थागत इकाइयों को एक साल की रियायत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक, आईटी व संस्थागत आदि जिन इकाइयों ने अब तक कंप्लीशन और फंक्शनल सर्टिफिकेट नहीं लिया है, उनको एक साल की मोहलत दे दी है। औद्योगिक, आईटी और आईटीईएस इकाइयों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट व फंक्शनल सर्टिफिकेट लेने के लिए 31 दिसंबर 2024 तक का समय मिल गया है। अब उनको सामान्य शुल्क देकर इसे लिया जा सकता है, जबकि कुछ दिन से इन इकाइयों पर पेनल्टी लग रही थी। इस योजना का लाभ लेने के लिए इकाइयों को निर्धारित शुल्क देना होगा, जबकि वर्तमान समय तक पंजीकरण न कराने वाली इकाइयों को सशुल्क 31 दिसंबर 2024 तक का समय दिया है। इस तरह मानचित्र स्वीकृति व कंप्लीशन के लिए सशुल्क एक साल का समय विस्तार दे दिया गया है।

पानी पर बकाया बिल के लिए ओटीएस
ग्रेनो प्राधिकरण ने पानी के बकाया 34 करोड़ रुपये को लाने के लिए निवासियों को रियायत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना पर मुहर लगा दी है। 31 मार्च 2024 तक की लंबित देय जल मूल्य धनराशि पर कार्यालय आदेश जारी होने की तिथि से 31 जनवरी 2024 तक बकाया धनराशि जमा करने पर कुल ब्याज में 40 फीसदी छूट मिलेगी। इसी तरह एक फरवरी से 29 फरवरी तक जमा करने पर 30 फीसदी और एक मार्च से 31 मार्च 2024 तक जमा करने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी।

 

जीटा-दो के 231 आवंटियों को प्लॉट नहीं पैसा दिया जाएगा वापस
ग्रेनो के सेक्टर जीटा-दो स्थित आरपीएस 02 आवासीय योजना 2011 के 231 आवंटियों को अब भूखंड नहीं बल्कि उनको पैसा दिया जाएगा। यह प्रस्ताव प्राधिकरण ने बोर्ड में पास कर दिया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि आवंटियों ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि उनको प्लॉट दिए जा या फिर उनका पैसा वापस कर दिया जाए। जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने आवंटियों के समक्ष अब पैसा लेने का विकल्प खोल दिया है।

 

आवासीय संपत्तियों के कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों के नियमों में ढील
ग्रेनो प्राधिकरण ने एकल आवासीय भवनों के लिए कंपनशनेट ग्राउंड पर कार्यपूर्ति प्रमाणपत्रों के नियमों में राहत दी है। मूल आवंटी की मृत्यु होने के बाद वारिसान की ओर से कार्यपूर्ति की प्रक्रिया को पूरी न करने वाले आवंटियों से आवेदन की तिथि के बाद समय विस्तारण सर्टिफिकेट नहीं लिया जाएगा। दरअसल, कुछ मूल आवंटियों की ओर से कार्यपूर्ति के लिए आवेदन करने के बाद गंभीर बीमारी होने, सेना या फिर अर्द्धसैनिक बलों में कार्यरत अधिकारी या कर्मचारी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहते हैं। इस कारण वे कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र नहीं ले सके। ऐसे सभी प्रकरणों में आवेदकों से आवेदन की तिथि के बाद समय विस्तारण सर्टिफिकेट नहीं लिया जाएगा।

 
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प्राधिकरण और सीआरआरआई के बीच होगा एमओयू
ग्रेटर नोएडा में अब सड़क बनाने के लिए केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) का सहयोग लिया जाएगा। ग्रेनो में हर साल सड़क बनाने पर अरबों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसे कम करने के लिए प्राधिकरण ने सीआरआरआई के साथ करार करके काम करने का निर्णय लिया है। अब प्राधिकरण और सीआरआरआई दोनों मिलकर बेहतर गुणवत्ता की सड़क बनाएंगे। इसके लिए प्राधिकरण जल्द ही संबंधित संस्थान के साथ करार करेगा। इससे आधुनिक तकनीक से सड़कों का निर्माण में और पारदर्शिता तथा गुणवत्ता बढ़ाने, वेस्ट मैटेरियल से बनी टाइल्स का फुटपाथ बनवाने, सड़कों का थर्ड पार्टी के रूप में असेसमेंट करने और ट्रैफिक की प्लानिंग में प्राधिकरण का सहयोग करेगा।
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