जरूरत से कम बसें होने से कई रूटों पर यात्री परेशान
-बेड़े से 49 बसों के बाहर होने के बाद डिपो को मिली महज 15 बसें, कई रूट हो गए हैं बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शासन से बसें नहीं मिलने से इन दिनों ग्रेटर नोएडा डिपो में बसों की किल्लत बनी है। दो साल पहले मियाद खत्म होने के बाद 49 बसों को बेड़े से बाहर किया गया था। उनके स्थान पर केवल 15 बसें ही मिली है। बसें कम होने पर कई रूटों पर बसों की कमी से यात्रियों को एक से दो घंटे का इंतजार करना पड़ता है। कई रूट बंद भी कर दिए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा डिपो के बेड़े में 150 बसें थी। दो साल पहले बस की मियाद खत्म होने के बाद 49 बसों को डिपो के बेड़े से बाहर कर दिया गया। सड़कों से बसों को हटाने के बाद केवल 101 बसें ही 18 रूटों पर रह गई थीं। बार-बार मांग करने के बाद उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से डिपो को केवल 15 बसें मिली हैं। इन दिनों केवल 116 बसें ही 18 रूटों पर चल रही हैं। बसें कम होने से ग्रेटर नोएडा से दिल्ली समेत कई महत्वपूर्ण रूटों से बसों को हटा दिया गया। वहीं बुलंदशहर, आगरा, मथुरा समेत कई रूटों पर बसों की संख्या कम होने के कारण भीड़ बढ़ गई। बसों में यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। वहीं एक बस के निकलने के बाद दूसरी बस के आने में एक से दो घंटा का समय लगता है। काफी देर तक इंतजार के बाद बस नहीं मिलने पर यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में यात्रा करनी पड़ती है।
-उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से बसें मिलने के बाद रूटों पर जरूरत के अनुसार लगाई जाएंगी। जिससे यात्रियों को हो रही परेशानी दूर होगी। निगम से ओर बसें देने के लिए अनुरोध किया गया है।
अनिल कुमार शर्मा, एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो