कांगड़ा। ऐतिहासिक जयंती माता मंदिर में शनिवार से पंच भीष्म मेले शुरू होने जा रहे हैं। पहली से पांच नवंबर तक आयोजित होने वाले इन मेलों की तैयारियों को लेकर एसडीएम इशांत जसवाल ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें एपीएमसी के अध्यक्ष निशु मोंगरा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में मंदिर में मेलों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को उचित सुविधाएं देने को लेकर चर्चा की गई।
एसडीएम ने बताया मंदिर में भीड़ अधिक होती है, इसलिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। यातायात को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए मंदिर के नजदीक आने और जाने के लिए रास्तों को दो भागों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कूड़ा-कचरा निष्पादन की सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए। फैसला लिया गया कि मेलों के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि मेलों के दौरान अपने स्टॉल लगाने के लिए लोगों को पंचायत से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। एसडीएम ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी और बिजली की व्यवस्था उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। बैठक में डीएसपी अंकित शर्मा, बीडीओ पारूल कटियार, बीएमओ डॉ. विक्रम कटोच, एसएमओ डॉ. अल्पना, संजीव कुमार, नरेश शर्मा, सौरभ शर्मा, राजेंद्र कुमार और मंदिर के पुजारी नरेश शर्मा मौजूद रहे।
यह है मंदिर की महता
नंदरूल की पहाड़ियों पर बसा जयंती माता का पौराणिक मंदिर पंच भीष्म मेलों के लिए पुरातन काल से प्रसिद्ध है। लंबा सफर और कठिन सीढ़ियों का सफर तय कर भक्त अद्भुत जगह पर बसी मां जयंती के दर्शन करने पहुंचते हैं। मेलों के दौरान मंदिर में काफी भीड़ उमड़ती है। खासकर आखिरी दिन तो यह भीड़ लंबी कतारों में बदल जाती है।